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5 गुना हो सकती है भारत की डेटा सेंटर क्षमता, 2028 तक प्रति वर्ष होगी 464 मेगावाट

India Data Centre Capacity: रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में कोलोकेशन डेटा सेंटर्स और क्लाउड फर्म की ओर से चलाए जाने वाले डेटा सेंटर दोनों में बढ़ोतरी हो रही है। अगले पांच वर्षों में भारत में स्मार्टफोन, इंटरनेट, ओटीटी सब्सक्रिप्शन और सोशल मीडिया के उपयोग में काफी तेज वृद्धि देखने को मिल सकती है।

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Data Centre (Image-istock)

KEY HIGHLIGHTS
  • एक साल में 105 प्रतिशत का इजाफा
  • भारत में डेटा की खपत बढ़ी
  • औसत 19 जीबी से ज्यादा की डेटा खपत

India Data Centre Capacity: डिजिटाइजेशन से डेटा के बढ़ते उपयोग के कारण भारत के डेटा सेंटर की क्षमता में आने वाले साल में 5 गुना का इजाफा हो सकता है। गुरुवार को जारी की गई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। डेटा सेंटर क्षमता के तेजी से बढ़ने की वजह डेटा आधारित टेक्नोलॉजी का उपयोग, डिजिटलीकरण का तेजी से बढ़ना और बड़े स्तर पर डेटा की खपत को माना जा रहा है।

2028 तक प्रति वर्ष 464 मेगावाट कोलोकेशन डेटा सेंटर क्षमता

कुशमैन और वेकफील्ड की रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि भारत 2028 तक प्रति वर्ष 464 मेगावाट की कोलोकेशन डेटा सेंटर क्षमता जोड़ेगा। रिपोर्ट में बताया गया कि देश को नियोजित 2.32 गीगावाट की डेटा सेंटर क्षमता के अलावा 1.7 से लेकर 3.6 गीगावाट के अतिरिक्त डेटा सेंटर की आवश्यकता है। 2023 की दूसरी छमाही तक देश के शीर्ष सात शहरों में कोलोकेशन डेटा सेंटर क्षमता 977 मेगावाट थी।

2023 में 258 मेगावाट की कोलोकेशन डेटा सेंटर क्षमता

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि 258 मेगावाट की कोलोकेशन डेटा सेंटर क्षमता अकेले 2023 में ही बनाई गई। वहीं, 2022 में कुल 126 मेगावाट की डेटा सेंटर क्षमता जोड़ी गई थी। ऐसे में पिछले वर्ष के मुकाबले नई डेटा सेंटर बनाने की रफ्तार में 105 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

भारत में डेटा की खपत बढ़ी

डेटा सेंटर क्षमता के तेजी से बढ़ने की वजह डेटा आधारित टेक्नोलॉजी का उपयोग, डिजिटलीकरण का तेजी से बढ़ना और बड़े स्तर पर डेटा की खपत को माना जा रहा है। भारत में डेटा की खपत में पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़त हुई है। एक आम भारतीय मोबाइल फोन औसत 19 जीबी से ज्यादा की डेटा खपत करता है। यह पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है।

कोलोकेशन डेटा सेंटर्स और क्लाउड फर्म

रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में कोलोकेशन डेटा सेंटर्स और क्लाउड फर्म की ओर से चलाए जाने वाले डेटा सेंटर दोनों में बढ़ोतरी हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में ये तेजी से बढ़े हैं। अगले पांच वर्षों में भारत में स्मार्टफोन, इंटरनेट, ओटीटी सब्सक्रिप्शन और सोशल मीडिया के उपयोग में काफी तेज वृद्धि देखने को मिल सकती है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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