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Claude Mythos AI से बैंकिंग सेक्टर में हड़कंप, आईटी खर्च बढ़ाने की तैयारी में सरकारी बैंक

Claude Mythos को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह एक साथ कई प्रकार के जटिल कार्यों को संभाल सके। यही कारण है कि इसे भविष्य के एडवांस AI टूल्स में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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Cloude Mythos AI से बैंकिंग सेक्टर में हड़कंप, आईटी खर्च बढ़ाने की तैयारी में सरकारी बैंक

देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अपनी डिजिटल प्रणाली को और सुरक्षित बनाने के लिए आईटी खर्च बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य ग्राहक डेटा की सुरक्षा, साइबर हमलों से बचाव और वित्तीय संसाधनों को सुरक्षित रखना है। हाल के समय में बैंकिंग सिस्टम पर बढ़ते साइबर खतरों को देखते हुए यह कदम जरूरी माना जा रहा है।

AI टूल से बढ़ी नई चिंता

वैश्विक स्तर पर Cloude Mythos AI जैसे हाईब्रिड एआई टूल को लेकर चिंता बढ़ी है। इस टूल की कोडिंग क्षमता इतनी मजबूत बताई जा रही है कि यह साइबर सुरक्षा की कमजोरियों को पहचानकर उनका फायदा उठाने के तरीके भी विकसित कर सकता है। ऐसे में आशंका है कि इसका दुरुपयोग बैंकिंग सिस्टम को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।

Claude Mythos क्या है और क्यों है खास?

Claude Mythos, Anthropic द्वारा विकसित एक बड़ा लैंग्वेज मॉडल (LLM) है, जिसे सामान्य उपयोग के लिए तैयार किया गया है। यह मॉडल इंसानों की तरह भाषा को समझने और जवाब देने में सक्षम है, जिससे यह कई तरह के कामों में उपयोगी बन जाता है।

Claude Mythos की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह साइबर सुरक्षा से जुड़े जटिल और कई चरणों वाले कार्यों को आसानी से पूरा करने में मदद करता है। यह सिस्टम की कमजोरियों को समझने, सुरक्षा से जुड़े पैटर्न पहचानने और संभावित जोखिमों का विश्लेषण करने में उपयोगी साबित हो सकता है, लेकिन इसके काम की क्षमता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बैंकों का फोकस साइबर सुरक्षा पर

पीटीआई/भाषा के मुताबिक पंजाब एंड सिंध के एमडी और सीईओ स्वरूप कुमार साहा के अनुसार, इस नई चुनौती से निपटने के लिए बैंकों को अपनी तकनीकी प्रणाली को और मजबूत बनाना होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में बैंक आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा पर अधिक निवेश करेगा, ताकि किसी भी तरह के खतरे को समय रहते रोका जा सके।

यूको बैंक भी बढ़ाएगा निवेश

इसी दिशा में UCO Bank भी अपने आईटी बजट में बढ़ोतरी करने जा रहा है। बैंक के एमडी और सीईओ अश्विनी कुमार ने बताया कि इस बार आईटी खर्च का बड़ा हिस्सा साइबर सुरक्षा को मजबूत करने में लगाया जाएगा, जिससे ग्राहकों की जानकारी और लेनदेन सुरक्षित रह सके।

सरकार की सख्त हिदायत

इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने आईटी सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं। सरकार का मानना है कि डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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