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चीनी CCTV कैमरे सस्ते, लेकिन भरोसा भारतीय पर, मार्केट में बदल रहा ट्रेंड

Chinese CCTV Banned In India: चाइनीज कैमरे लगभग 20% से 40% तक सस्ते हैं, लेकिन भारतीय कैमरों में सर्विस और वारंटी बेहतर मानी जाती है। इनकी कीमत आमतौर पर ₹4,000 से शुरू होकर ₹30,000 तक जाती है।

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चीनी CCTV कैमरे सस्ते, लेकिन भरोसा भारतीय पर, मार्केट में बदल रहा ट्रेंड/photo- AI

दिल्ली के पुराने बाजारों की रौनक में अगर इलेक्ट्रॉनिक्स और लाइटिंग का सबसे बड़ा नाम लिया जाए, तो वह है भागीरथ पैलेस, चांदनी चौक में स्थित यह बाजार एशिया के सबसे बड़े थोक इलेक्ट्रिकल और CCTV हब के रूप में जाना जाता है।

लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास स्थित लाजपत राय मार्केट भारतीय, चीनी और अन्य विदेशी ब्रांड के हजारों मॉडल के CCTV कैमरे आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन 1 अप्रैल से लागू नए सुरक्षा-केंद्रित नियमों ने इस बाजार की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विदेशी खासकर चीनी मूल के CCTV कैमरों पर निगरानी और सख्ती बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है।

सुरक्षा चिंता क्यों बनी बड़ा मुद्दा

सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट में यह आशंका जताई गई कि कुछ विदेशी CCTV कैमरे इंटरनेट से जुड़े होते हैं और उनका डेटा ट्रांसमिशन देश के बाहर स्थित सर्वर तक जा सकता है। इससे सरकारी दफ्तरों की निगरानी जानकारी बाजारों की गतिविधियां, रिहायशी सोसायटी की फुटेज, बाहर जाने का जोखिम बढ़ जाता है। इसी वजह से सरकार “trusted sources” और स्थानीय निर्माण पर जोर दे रही है, ताकि डेटा देश के भीतर सुरक्षित रह सके।

बाजार में क्या बोले दुकानदार

कई दुकानदारों ने फैसले का स्वागत किया। दुकानदारों का कहना है कि चीनी कैमरे सस्ते होते हैं इसलिए ज्यादा बिकते हैं लेकिन इनमें गारंटी-वारंटी सीमित या नहीं होती, सर्विस सपोर्ट कमजोर रहता है, खराब होने पर ग्राहक को परेशानी होती है। करीब 20 साल से कारोबार कर रहे एक व्यापारी ने कहा: “सस्ता होने के कारण लोग चीनी कैमरे लेते हैं, लेकिन खराब होने पर बदलना पड़ता है। भारतीय ब्रांड महंगे हैं, पर उनकी सर्विस और वारंटी बेहतर है।

भारतीय ब्रांड पर जोर क्यों :

दुकानदारों और ग्राहकों के मुताबिक भारतीय CCTV के फायदे:

  • बेहतर वारंटी
  • सर्विस सेंटर उपलब्ध
  • डेटा सुरक्षा पर भरोसा
  • लंबे समय तक चलने वाली क्वालिटी
कई व्यापारियों का मानना है कि भारतीय ब्रांड को बढ़ावा देने से स्थानीय उद्योग को भी फायदा होगा और सुरक्षा भी मजबूत होगी।

भारतीय बनाम चीनी CCTV- कीमत का फर्क

बेसिक वायर कैमरा

चाइनीज: ₹700- ₹1,500

भारतीय: ₹1,200-₹2,000

WiFi कैमरा

चाइनीज: ₹1,500-₹2,500

भारतीय: ₹2,000- ₹3,500

PTZ कैमरा

चाइनीज: ₹2,000-₹3,500

भारतीय: ₹3,000-₹5,000

Outdoor कैमरा

चाइनीज: ₹900-₹2,500

भारतीय: ₹1,500-₹3,500

कुल मिलाकर देखें तो चाइनीज कैमरे लगभग 20% से 40% तक सस्ते हैं, लेकिन भारतीय कैमरों में सर्विस और वारंटी बेहतर मानी जाती है। इनकी कीमत आमतौर पर ₹4,000 से शुरू होकर ₹30,000 तक जाती है।

ग्राहकों की बदलती पसंद

पहले ग्राहक कीमत देखकर खरीदते थे, लेकिन अब अब सुरक्षा और डेटा गोपनीयता को प्राथमिकता देते हैं। साथ ही भारतीय ब्रांड की मांग बढ़ रही है और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट पर भी ध्यान देते हैं। CCTV कैमरा अब सिर्फ निगरानी का उपकरण नहीं बल्कि सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुका है। सस्ते चीनी कैमरों की जगह अब भरोसेमंद और सुरक्षित भारतीय ब्रांड की ओर झुकाव बढ़ रहा है। सरकार की सख्ती, दुकानदारों का समर्थन और ग्राहकों की बदलती सोच ये तीनों मिलकर CCTV बाजार में एक नया ट्रेंड तय करते दिख रहे हैं।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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