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अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने के लिए हो रहा ChatGPT का इस्तेमाल: OpenAI का दावा

ChatGPT And US Elections: ओपनएआई ने एक रिपोर्ट में कहा गया कि साइबर अपराधी अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने के लिए फर्जी कंटेंट बनाने के लिए चैटजीपीटी का दुरुपयोग कर रहे हैं। ओपनएआई ने इस साल चैटजीपीटी का दुरुपयोग करके प्रभाव संचालन के लिए 20 से अधिक प्रयासों को विफल किया है। अगस्त में, कंपनी ने चुनाव से संबंधित आर्टिकल बनाने वाले अकाउंट को ब्लॉक कर दिया।

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ChatGPT And US Elections

ChatGPT And US Elections: पिछले 2-3 सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल काफी बढ़ा है। कंटेंट लिखने से लेकर कॉलेज प्रोजेक्ट लिखने तक में ChatGPT का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन अब एक नया दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह दावा कोई और नहीं बल्कि चैटजीपीटी की डेवलपर कंपनी OpenAI ने किया है।

क्या है OpenAI का दावा

ओपनएआई ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें कहा गया कि साइबर अपराधी अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने के लिए फर्जी कंटेंट बनाने के लिए चैटजीपीटी का दुरुपयोग कर रहे हैं। जिसमें लंबे-चौड़े आर्टिकल और सोशल मीडिया कमेंट्स शामिल हैं, जिनका उद्देश्य चुनावों को प्रभावित करना है। कंपनी ने कहा कि ये एआई-जनरेटेड मैसेज असली न्यूज जैसे लग सकते हैं, जिससे आम नागरिक के लिए सच और झूठ में अंतर करना मुश्किल हो जाता है।

AI से तैयार किया जा रहा फेक सोशल मीडिया कंटेंट

रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई टेक्नोलॉजी का लाभ उठाकर, साइबर अपराधी, फर्जी न्यूज आर्टिकल, सोशल मीडिया पोस्ट और यहां तक कि मतदाताओं को गुमराह करने के लिए डिजाइन की गई धोखाधड़ी वाले कैंपेन कंटेंट भी बना सकते हैं।

कंपनी ने कहा कि ओपनएआई ने इस साल चैटजीपीटी का दुरुपयोग करके प्रभाव संचालन के लिए 20 से अधिक प्रयासों को विफल किया है। अगस्त में, कंपनी ने चुनाव से संबंधित आर्टिकल बनाने वाले अकाउंट को ब्लॉक कर दिया। इसके अलावा जुलाई में, रवांडा के अकाउंट को उस देश के चुनावों को प्रभावित करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया कमेंट्स बनाने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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