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OpenAI लाया ChatGPT जैसा एआई टूल Sora, शब्दों से बना देगा वीडियो, जानें क्या है खास

OpenAI Text-To-Video Generator Sora: आसान शब्दों में कहें तो इस टूल की मदद से आप लिखित कहानियों-कविताओं को वीडियो में बदल सकते हैं। यह आर्टिफिशियल क्रिएटिविटी और स्टोरीटेलिंग की सीमाओं को पार करता है और इसे बढ़ाते हुए टेक्स्ट-टू-वीडियो जनरेशन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।

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OpenAI Sora

OpenAI Text-To-Video Generator Sora: चैटजीपीटी डेवलपर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ओपनएआई ने अपने नए टेक्स्ट-टू-वीडियो एआई मॉडल सोरा (Sora) को पेश किया है। नया एआई टूल लिखित शब्दों की मदद से वीडियो बनाने में सक्षम है। बता दें कि गूगल और मेटा जैसे बड़े टेक दिग्गज ने कई साल पहले ही इस तरह के टूल को पेश किया था, लेकिन दावा है कि ओपनएआई क्वालिटी के मामले में इनसे कहीं आगे हैं।

क्या है AI Sora?

चैटजीपीटी जैसा नया एआई टूल सोरा एक अभूतपूर्व एआई मॉडल है, जो टेक्स्ट प्रॉम्प्ट की मदद ले यथार्थवादी और जटिल वीडियो बनाने में सक्षम है। आसान शब्दों में कहें तो इस टूल की मदद से आप लिखित कहानियों-कविताओं को वीडियो में बदल सकते हैं। यह आर्टिफिशियल क्रिएटिविटी और स्टोरीटेलिंग की सीमाओं को पार करता है और इसे बढ़ाते हुए टेक्स्ट-टू-वीडियो जनरेशन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।

कैसे करता है काम?

सोरा शब्दों या टेक्स्ट को डायनामिक वीडियो क्लिप में बदल सकता है। यह बेसिक एनिमेशन से कहीं ज्यादा करता है। सोरा यूजर्स द्वारा दी गई जानकारी का ईमानदारी से पालन करते हुए कई कैरेक्टर, जटिल सेटिंग्स और यहां तक कि विशिष्ट कैमरा मूवमेंट के साथ वीडियो तैयार कर सकता है।

क्या है खासियत?

सोरा डीप लर्निंग के पावरफुल कॉम्बिनेशन का फायदा उठाता है। यह एक ट्रांसफॉर्मर आर्किटेक्चर का उपयोग करता है, एक जटिल न्यूरल नेटवर्क जो एडवांस वीडियो जनरेशन एल्गोरिदम के साथ-साथ भाषा को प्रोसेस करने और समझने की क्षमता के लिए जाना जाता है। यह पावरफुल मिश्रण सोरा को यूजर्स के टेक्स्ट की बारीकियों को समझने, उन्हें विजुअल एलिमेंट में अनुवाद करने और एक यथार्थवादी वीडियो सीक्वेंस बनाने में मदद करता है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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