टेक एंड गैजेट्स

सरकारी एजेंसी का बड़ा अलर्ट, खतरे में है करोड़ों गूगल क्रोम यूजर्स का डेटा, तुरंत करें ये काम

एजेंसी की तरफ से इन खामियों को हाई रिस्क के तौर पर पहचाना गया है। इन कमियों के वजह से हैकर्स आसानी से रिमोटली आपके डिवाइस को कंप्रोमाइज कर सकते हैं और आपके पर्सनल डेटा पर सेंध लगा सकते हैं।

Chrome (2)

सरकारी एजेंसी ने क्रोम की खामियों को हाई रिस्क में पहचाना है।(फोटो क्रेडिट-iStock)

2026 की शुरुआत में देगा दस्तक देगा Nothing Phone 4a, फीचर्स और कीमत का हुआ खुलासाGoogle Chrome दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाला ब्राउजर है। अगर आप भी अपने लैपटॉप, डेस्कटॉप में गूगल क्रोम ब्राउजर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपके लिए काम की खबर है। इस समय गूगल क्रोम में कुछ बड़ी खामियों का पता चला है जिसका फायदा उठाकर हैकर्स आपके डिवाइस में आसानी से पहुंच बना सकते हैं। GoogleChrome की इन कमियों को लेकर अब सरकारी एजेंसी CERT-In की तरफ से भी एक बड़ी चेतावनी जारी की गई है। आपको इसके बारे में जानना बेहद जरूरी है।

सरकारी एजेंसी CERT-In के मुताबिक गूगल क्रोम में CVE-2025-13223 और CVE-2025-13224 नाम की दो बड़ी खामियां पाई गई हैं। एजेंसी की तरफ से इन खामियों को हाई रिस्क के तौर पर पहचाना गया है। इन कमियों के वजह से हैकर्स आसानी से रिमोटली आपके डिवाइस को कंप्रोमाइज कर सकते हैं और आपके पर्सनल डेटा पर सेंध लगा सकते हैं। इसकी वजह से आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है।

Google Chrome में मिली बड़ी खामी

Google Chrome में सिर्फ स्पॉट की गई ये खामियां V8 इंजन में टाइप कंफ्यूजन एरर की वजह से हुई हैं। आपको बता दें कि यह V8 इंजन जावा स्क्रिप्ट और वेब असेंबली को प्रोसेस करने का काम करता है। इसकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब टाइप कंफ्यूजन एरर आता है तो ब्राउजर अनसेफ तरीके से डिवाइस की मेमोरी को एक्सेस करने लगता है। इसकी वजह से आसानी मलेशियस कोड एग्जीक्यूट किया जा सकता है।

इन यूजर्स के लिए है बड़ा खतरा

अगर हैकर्स इसका पता लगा लेते हैं तो आसानी से डिवाइस में हॉर्मफुल प्रोग्राम को इंस्टाल कर सकते हैं। गूगल की तरफ से भी हाल ही में इस तरह के बग को लेकर वार्निंग दी गई थी। आपको बता दें कि CVE-2025-13223 खामी को गंभीर रूप से लिया है। इन बग्स की वजह से मैक और विंडोज पर चलने वाले 142.0.7444.175/.176 पुराने वर्जन के क्रोम ब्राउजर पर सबसे ज्यादा खतरा है। अगर आप Linux पर क्रोम का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपके लिए 42.0.7444.175 वर्जन से पुराने क्रोम वर्जन का इस्तेमाल करना खतरनाक साबित हो सकता है।

यूजर्स के डेटा और उसकी सिक्योरिटी के लिए गूगल की टीम लगातार काम कर रही है। कंपनी इसके लिए लगातार सिक्योरिटी अपडेट भी रिलीज कर रही है। अगर आपने अपने डिवाइस में क्रोम को पिछले काफी दिनों से अपडेट नहीं किया है और आपको कोई अपडेट पेंडिंग में नजर आ रही है तो तुरंत उसे अपडेट कर लें।

यह भी पढ़ें- 2026 की शुरुआत में देगा दस्तक देगा Nothing Phone 4a, फीचर्स और कीमत का हुआ खुलासा

लेटेस्ट न्यूज

गौरव तिवारी
गौरव तिवारी Author

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से ... और देखें

End of Article