Budget 2025-26: केंद्रीय बजट 2025-26 में प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) में कटौती की गई है, इससे स्मार्टफोन और टेलीविजन किफायती हो सकते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और आयातित गैजेट्स को सस्ता बनाने के लिए कई उपायों की घोषणा की।
क्या बदला है?
सबसे बड़ा बदलाव मोबाइल फोन, मोबाइल चार्जर और मोबाइल प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली (PCBA) पर बीसीडी को 20 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत करना है। इससे आयातित स्मार्टफोन और एक्सेसरीज की लागत कम होने की उम्मीद है, जिसमें कुछ हाई-एंड iPhone मॉडल भी शामिल हैं, जो अभी भारत में निर्मित नहीं होते। सरकार ने 2018 में इस ड्यूटी को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया था ताकि लोकल मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित किया जा सके। हालांकि, इस बार की कटौती को स्मार्टफोन को अधिक किफायती बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
क्या है सरकार की रणनीति?
सरकार का ध्यान सिर्फ कस्टम ड्यूटी में कटौती तक सीमित नहीं है। बजट में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करने के लिए निवेश बेहद महत्वपूर्ण होगा, जिससे स्थानीय उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
पहले भी उठाए गए थे ऐसे कदम
इससे पहले, फरवरी 2023 में, सरकार ने स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले कैमरा लेंस पर कस्टम ड्यूटी समाप्त कर दी थी, जिससे स्मार्टफोन निर्माताओं की लागत कम हुई थी।
क्या कीमतें तुरंत गिरेंगी?
बीसीडी में कटौती के बावजूद, उपभोक्ताओं को यह देखने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है कि ब्रांड्स इस बचत का कितना लाभ ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। हालांकि आयातित डिवाइस और घटक सस्ते हो सकते हैं, लेकिन निर्माता इस बचत को बढ़ती उत्पादन लागत की भरपाई के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। फिर भी, इस कदम से स्थानीय प्रोडक्टशन को बढ़ावा मिलेगा और भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की दीर्घकालिक वृद्धि में योगदान होगा।
क्या होगा इस छूट का प्रभाव
- इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग को बढ़ावा – बैटरियों के लिए आवश्यक खनिज सस्ते होने से EV निर्माण की लागत में कमी आएगी, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी आएगी।
- मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन – घरेलू बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलेगी और भारत बैटरी प्रोडक्शन में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
- नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर को लाभ – लिथियम-आयन बैटरियों का उपयोग ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) में भी किया जाता है, जिससे रिन्यूबल एनर्जी सोर्स को बेहतर समर्थन मिलेगा।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को सहायता – इन खनिजों की लागत में गिरावट से इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को भी फायदा होगा, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर उत्पाद मिलेंगे।
टेक इंडस्ट्री की कैसी रही प्रतिक्रिया
डैमसन (Damson) टेक्नोलॉजीज के मैनेजिंग डायरेक्टर, रितेश गोयनका ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025 के बजट में जो राष्ट्रीय मैन्युफैक्चरिंग मिशन (National Manufacturing Mission) लॉन्च किया है, वह भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती देने की दिशा में एक शानदार कदम है। इस मिशन के तहत सरकार नीति और ढांचे को बेहतर बनाएगी, जिससे देश में उत्पादन बढ़ेगा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। ये पहल हमारी कंपनी डैमसन टेक्नोलॉजीज के उद्देश्यों के बिल्कुल अनुरूप है।
एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) भारत की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी हैं और देश के कुल निर्यात का 45% योगदान देते हैं। सरकार का एमएसएमई को मजबूत बनाने पर ध्यान देना, छोटे कारोबारियों के लिए कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड और एमएसएमई की नई वर्गीकरण सीमा जैसी घोषणाएं निश्चित रूप से छोटे उद्यमों के विस्तार और वित्तीय पहुंच को आसान बनाएंगी।
हमारी कंपनी, डैमसन टेक्नोलॉजीज, कंप्यूटर पेरिफेरल्स, एक्सेसरीज और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स की अग्रणी निर्माता (OEM) है। हमारा ब्रांड JUST CORSECA इनोवेशन और क्वालिटी का प्रतीक है। हमने अहमदाबाद में एक अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया है, जिसमें ₹200 करोड़ का निवेश किया गया है। यहां हम हाई-क्वालिटी ऑडियो सिस्टम और स्मार्ट एक्सेसरीज बनाते हैं, जिससे देश में इन प्रोडक्ट्स के आयात पर निर्भरता कम हो और घरेलू जरूरतें पूरी हों।"
उन्होंने कहा कि सरकार का क्लीन टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग और नए निवेश को आकर्षित करने पर जोर देना हमारी सोच से मेल खाता है। हम भी एआई-पावर्ड प्रोडक्ट्स और ऐप-आधारित स्मार्ट टेक्नोलॉजी को अपने प्रोडक्ट्स में शामिल कर रहे हैं। हमें भरोसा है कि इस बजट से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी, जिससे कंपनियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और भारत की अर्थव्यवस्था व वैश्विक प्रतिस्पर्धा में देश की स्थिति और मजबूत होगी।
