सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) पूरे देश में अपनी 4G सर्विस को रोलआउ करने जा रही है। इस बीच टेलीकॉम कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि वह अपनी अखिल भारतीय 4जी क्रियान्वयन योजना के तहत झारखंड में 1,573 करोड़ रुपये की तीन प्रमुख परियोजनाओं पर काम कर रही है।
बीएसएनएल झारखंड के मुख्य महाप्रबंधक विपुल अग्रवाल ने कहा कि कंपनी की रजत जयंती के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को ओडिशा से इन परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे।
उन्होंने कहा कि इनमें आत्मनिर्भर भारत के नजरिये को बढ़ावा देते हुए लगभग 37,000 करोड़ रुपये की लागत से स्वदेशी तकनीक से निर्मित 97,500 मोबाइल 4जी टावर शामिल हैं। अग्रवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बीएसएनएल अपनी रजत जयंती मनाने के साथ यह देश के हर कोने तक स्वदेशी 4जी सेवाओं की पहुंच के साथ एक नया अध्याय शुरू कर रही है।
उन्होंने कहा कि बीएसएनएल झारखंड के दूरदराज और वंचित गांवों में मोबाइल संपर्क सुविधा के लिए 4जी ‘संतृप्ति’ परियोजना लागू कर रही है। डिजिटल भारत निधि योजना के तहत केंद्र द्वारा वित्त पोषित यह परियोजना राज्य सरकार के सहयोग से चल रही है। उन्होंने कहा, ''बीएसएनएल ने झारखंड में 4G सेवाओं से जुड़ने के लिए 2750 गांवों की पहचान की है।'' इस परियोजना के तहत 755 टावर लगाए जाने हैं, जिनमें से 652 पहले ही चालू हो चुके हैं।
करोड़ों यूजर्स को मिलेगी बड़ी सहूलियत
आपको बता दें कि सरकारी टेलीकॉम कंपनी पिछले एक साल से ज्यादा समय से लगातार अपने नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए काम कर रही थी। बीएसएनएल ने 1 लाख 4G टॉवर्स के इंस्टालेशन का लक्ष्य रखा था जो कि अब पूरा हो गया है। बता दें कि सरकारी कंपनी ने इन टॉवर्स को इस तरह से डिजाइन किया है कि इन्हें आसानी से 5G नेटवर्क में तब्दील किया जा सके। अब जब कंपनी पूरे देश में 4G नेटवर्क को रोल आउट करने जा रही है तो इससे देशभर के करोड़ों ग्राहकों को बड़ा फायाद मिलने वाला है। बीएसएनएल के लिए सी-डॉट, तेजस और टीसीएस ने मिलकर रिकॉर्ड 22 महीने में पूरी तरह स्वदेशी 4जी टेक्नोलॉजी विकसित की, जिसे सॉफ्टवेयर के जरिए आसानी से 5जी में अपग्रेड किया जा सकेगा।
(इनपुट-भाषा)
