Diwali 2022: साइबर अपराधी आजकल लोगों को लूटने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब अपराधी स्मार्टफोन्स, लैपटॉप्स और डेस्कटॉप्स जैसे गैजेट्स से डेटा कलेक्ट करने के लिए एक नया तरीका लेकर आए हैं। आपने कई बार यात्रा के दौरान एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशन पर चार्जिंग पॉइंट और USB पोर्ट्स को देखा होगा। बस इन्हीं का फायदा अब साइबर अपराधी उठा रहे हैं। ऐसे में अगर आप दिवाली में घर जा रहे हैं तो यात्रा के दौरान आपको भी सतर्क रहने की जरूरत है।
दरअसल, चार्जिंग पोर्ट्स का इस्तेमाल यात्री अपनी डिवाइसेज को चार्ज करने के लिए करते हैं। लंबी यात्रा करने पर या बाहर रहने के दौरान फोन की बैटरी खत्म हो जाती है। कभी-कभी साथ में रखे पावर बैंक की भी बैटरी ड्रेन हो जाती है। ऐसे में लोग सार्वजनिक जगहों पर मिलने वाले चार्जिंग पॉइंट्स का इस्तेमाल फोन की चार्जिंग करते हैं। फिर USB पोर्ट्स या इन पॉइंट्स के जरिए अपराधी आपके फोन से डेटा चुरा लेते हैं।
इस प्रक्रिया को Juice Jacking कहते हैं। इसमें स्मार्टफोन्स या टैबलेट्स जैसी डिवाइसेज से डेटा उस केबल के जरिए चुराया जाता है, जिससे चार्जिंग और डेटा ट्रांसफर दोनों ही काम होते हैं। ये आमतौर पर USB केबल ही होता है। कई बार हैकर्स डेटा चुराने के अलावा इस प्रक्रिया का इस्तेमाल फोन में मैलवेयर इंस्टॉल करने के लिए भी करते हैं।
उदाहरण के तौर पर बात करें तो हैदराबाद में एक कंपनी के CEO खो 16 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। केवल उन्होंने सार्वजनिक जगह USB पोर्ट के जरिए फोन को चार्ज करने की गलती की थी।
ऐसी ही एक घटना दिल्ली में एक महिला के साथ हुई थी। उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट में अपना फोन USB चार्जिंग स्टेशन पर लगाया था। कुछ देर उन्हें मैसेज मिला कि उनके अकाउंट से 1 लाख 20 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं।
इतना ही नहीं 15 सितंबर को ओडिशा पुलिस ने एक ट्वीट कर लोगों से कहा भी था कि किसी भी मोबाइल चार्जिंग स्टेशन या USB पावर स्टेशन पर फोन को चार्ज करने से बचें। साइबर अपराधी इससे आपकी निजी जानकारियां चुरा रहे हैं और फोन में मैलवेयर भी इंस्टॉल कर रहे हैं। ऐसे में यात्रा के दौरान काफी सतर्क रहने की जरूरत है।
