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न्यूक्लियर पावर जैसा है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जितना बड़ा फायदा, उतना बड़ा नुकसान

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Jun 8, 2023, 01:17 PM IST

ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI के फाउंडर और सीईओ Sam Altman ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि एआई न्यूक्लियर पावर जैसा है, जितना फायदेमंद है उतना ही नुकसानदायक भी है।

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चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन सैम अल्टमैन ने विस्तार से बात की।

KEY HIGHLIGHTS
  • न्यूक्लियर पावर जैसा है चैटजीपीटी
  • जितने फायदे, उतने ही नुकसान भी
  • सैम अल्टमैन ने की विस्तार से बात

Sam Altman On AI: एआई आज की तारीख में जहां लोगों की नौकरी खाना शुरू कर चुका है, वहीं कुछ जगहों पर ये लोगों के बहुत काम भी आ रहा है। इस बारे में चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन सैम अल्टमैन ने विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि ओपनएआई के साथ बड़ी कंपनियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल शुरू हो गया है, लेकिन छोटी कंपनियों और स्टार्टअप में इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। बताने की जरूरत नहीं कि चैटजीपीटी दुनियाभर में किसी वायरस से भी तेज गति से फैला है और कविता लिखने से लेकर बड़े-बड़़े काम करने में इसका इस्तेमाल हो रहा है।

न्यूक्लियर पावर जैसा है एआई

सैम अल्टमैन ने कहा, “हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि छोटी कंपनियों और हाल में शुरू किए गए स्टार्टअप में एआई का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। ये जरूरी है कि पहले इसका विकास हो जाए।” उन्होंने आगे कहा कि ओपनएआई के फायदे और नुकसान से वो परिचित हैं, इसका गलत इस्तेमाल तानाशाह जैसे पद पर बैठे लोग द्वारा दुनिया की शांति भंग करने में हो सकता है। सैम की मानें तो न्यूक्लियर पावर और इंटरनेशनल एटोमिक ऐनर्जी एजेंसी की तर्ज पर एआई के लिए भी नियम बनाए जाने चाहिए।

भारत में हो रहा भरपूर इस्तेमाल

सैम अल्टमैन ने कहा कि भारत में चैटजीपीटी का शुरुआती दौर में ही खूब इस्तेमाल किया जाने लगा है। हर नई तकनीक लोगों की नौकरियों के लिए खतरा है और चैटजीपीटी भी इससे कुछ अलग नहीं है। हालांकि सैम ने एआई के सकारात्मक पक्ष की जानकारी देते हुए कहा कि इससे नए रोजगार के मौके भी बनने वाले हैं। चैटजीपीटी 5 के लॉन्च पर पूछे गए सवाल के जवाब में सैम ने कोई निश्चित समय की जानकारी नहीं दी है और कहा है कि इसपर अभी बहुत रिसर्च करना बाकी है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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