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iPhone 17 Series लॉन्च से पहले बढ़ीं Apple की मुश्किलें, जानें कारण

आईफोन 17 सीरीज लॉन्च से पहले एप्पल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, लेखकों का दावा है कि एप्पल ने पायरेटेड लाइब्रेरी से किताबें स्क्रैप कर AI मॉडल ट्रेन किए। कंपनी ने इस पर न तो कोई लाइसेंस लिया और न ही भुगतान किया।

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( Image-AP Photo/Mark Lennihan, File )

Apple Faces Copyright Lawsuit: आईफोन 17 सीरीज लॉन्च से पहले एप्पल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मशहूर लेखक Grady Hendrix और Jennifer Roberson ने कंपनी पर आरोप लगाया है कि उसने उनकी किताबों को बिना अनुमति और लाइसेंस के इस्तेमाल कर अपनी AI तकनीक Apple Intelligence को ट्रेन किया। इस केस ने टेक इंडस्ट्री में कॉपीराइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छेड़ दी है।

एप्पल पर गंभीर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप

लेखकों ने अपने मुकदमे में कहा है कि एप्पल ने Applebot नाम के स्क्रेपर का इस्तेमाल कर "शैडो लाइब्रेरीज़" से उनकी किताबें कॉपी कीं। यह किताबें उनकी बौद्धिक संपत्ति हैं और इन्हें बिना सहमति इस्तेमाल करना सीधे-सीधे कॉपीराइट का उल्लंघन है।

Apple Intelligence और विवाद की जड़

एप्पल ने अपने AI टूल्स के लिए Apple Intelligence नाम दिया है, जिसे iPhone, iPad और MacBook जैसे डिवाइस पर लाया जा रहा है। मुकदमे के मुताबिक, इन टूल्स को ट्रेन करने के लिए कंपनी ने पायरेटेड डाटा का सहारा लिया, जिसमें लेखकों की किताबें भी शामिल थीं।

नौ साल तक डाटा स्क्रैपिंग का दावा

मुकदमे में यह भी कहा गया है कि एप्पल ने लगभग नौ साल तक चुपचाप डाटा स्क्रैप किया और बाद में खुलासा किया कि यह डाटा उसके AI मॉडल्स को ट्रेन करने में काम आया। आरोप है कि एप्पल ने कभी भी इन लेखकों से अनुमति नहीं ली और न ही भुगतान करने की कोशिश की।

टेक कंपनियों पर बढ़ रहे केस

यह मामला अकेला नहीं है। हाल ही में AI कंपनी Anthropic ने 1.5 अरब डॉलर का समझौता किया, ताकि लेखकों द्वारा दायर केस खत्म हो सके। वहीं, OpenAI को न्यूयॉर्क टाइम्स समेत कई संगठनों ने कोर्ट में घेरा हुआ है। Microsoft पर भी इसी साल आरोप लगे थे कि उसने लेखकों की किताबों का इस्तेमाल अपने Megatron AI मॉडल के लिए किया।

आगे क्या होगा?

एप्पल पर लगे ये आरोप न सिर्फ कानूनी मुश्किलें बढ़ाते हैं, बल्कि AI इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़ा संकेत हैं कि बिना अनुमति क्रिएटिव कंटेंट का इस्तेमाल अब भारी पड़ सकता है। आने वाले महीनों में कोर्ट का फैसला इस पूरी बहस की दिशा तय करेगा।

Vishal Maithil
Vishal Mathel author

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, ग... और देखें

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