India Emerging digital super power:डिजिटल क्षेत्र में जो काम बड़े-बड़े देश नहीं कर पा रहे हैं, वह भारत में हो रहा है। भारत के गांवों में भी QR कोड से पेमेंट हो रहे हैं। दुनिया का 40 फीसदी रियल टाइम डिजिटल लेन-देन भारत में हो रहा है। डाटा खपत के मामले में भारत नंबर वन बन चुका है। ऐसे दौर में हम गर्व से कह सकते है कि भारत डिजिटल क्रांति का अगुआ है। और वह तकनीकी के दम पर दुनिया के हर व्यक्ति से कनेक्ट, कम्युनिकेट, साझेदारी करने में अहम भूमिका निभा रहा है। केंद्रीय सूचना और प्रसारण और युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को इंडिया डिजिटल फेस्ट में कही है। उन्होंने टाइम्स नेटवर्क की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इसके जरिए डिजिटल क्षेत्र में जागरुकता बढ़ाने में मदद लेगी। साथ ही दुनिया यह भी जानेगी कि भारत दूसरे देशों की तुलना डिजिटल क्षेत्र में कहीं आगे हैं।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान फोकस
अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2015 में आज से 92 महीने पहले डिजिटल इंडिया अभियान की शुरुआत की थी। इन वर्षों में भारत में शहरी इलाकों से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट सब्सक्राइबर जुड़े हैं। इस दौरान ग्रामीण इलाकों में 9.57 करोड़ इंटरनेट सब्सक्राइबर और शहरी इलाकों में 9.22 करोड़ इंटरनेट सब्सक्राइबर जुड़े हैं। सरकार की डिजिटल ड्राइव का नतीजा है कि शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में डिजिटल क्रांति एक जैसी हो रही है। और उसी का परिणाम है कि रेहड़ी वाला, सब्जी वाला भी क्यू आर कोड से पेमेंट लेता है। और ऐसा भले ही दुनिया के दूसरे देशों में न होता हो लेकिन मेरे भारत में ऐसा होता है।
चीन, अमेरिका से ज्यादा भारत में डाटा खपत
केंद्रीय मंत्री के अनुसार सात साल पहले भारत की प्रति व्यक्ति डाटा खपत के मामले में दुनिया में रैंकिंग 122 या 123 थी। आज चीन और अमेरिका, दोनों की मिलाकर भारत में ज्यादा खपत है। और भारत दुनिया में डाटा खपत के मामले में नंबर वन पायदान पर है। साल 2021-22 भारत में 48 अरब ट्रांजैक्शन होते थे। जो कि दुनिया में सबसे ज्यादा है। और दूसरे नंबर पर चीन है। और वहां 18 अरब रियल टाइम ट्रांजैक्शन होता है। ऐसे में पहले और दूसरे स्थान के अंतर को देखा जा सकता है।
मेक इन इंडिया का कमाल
ठाकुर ने कहा कि जिस तरह भारत ने मेक इन इंडिया को आत्मसात किया है। उसी का परिणाम है कि आज 4 जी मेक इन इंडिया है। 5जी भी अपनी टेक्नोलॉजी है और 6 जी भी भारत में निर्मित होने को तैयार है। और दुनिया को देने के लिए भी तैयार होंगे। डिजिटाइजेशन ग्रोथ ने भारत की तस्वीर बदली है। इसी का परिणाम है कि भारत में कृषि, हेल्थ, बैंकिंग सहित दूसरे सेक्टर में अहम बदलाव हुए हैं। दुनिया तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन चुका है। और 100 से ज्यादा यूनिकार्न भारत में हैं। भारत के पास मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर है। जो नई विकासगाथा लिखने को तैयार है।
