टेक एंड गैजेट्स

AI ने चिप्स के पैकेट को समझ लिया बंदूक, 16 साल के बच्चे को घर से उठा ले गई पुलिस

आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) कितना खतरनाक हो सकता है, इसका अंदाजा आप इस खबर से लगा सकते हैं अमेरिका में एआई की गलती के कारण एक 16 साल के बच्चे को पुलिस घर से हथकड़ी लगाकर उठा ले गई। इस घटना के बाद एआई की विश्वसनीयता पर एक बार फिर से सवाल उठने लगे हैं।

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teenager was handcuffed by armed police after an artificial intelligence (AI) system mistakenly said he was carrying a gun/Photo-AI

अमेरिका के बाल्टीमोर (Baltimore) में एक 16 वर्षीय छात्र को पुलिस ने उस समय हथकड़ी पहनाकर रोक लिया, जब एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम ने गलती से यह पहचान ली कि वह बंदूक लिए हुए है, जबकि उसके हाथ में वास्तव में सिर्फ चिप्स का पैकेट था।

हुआ क्या था?

यह घटना तब हुई जब टैकी एलन (Taki Allen) नाम के एक स्कूली छात्र ने फुटबॉल प्रैक्टिस खत्म करने के बाद डोरीटोज (Doritos) के चिप्स खाए और खाली पैकेट अपनी जेब में रख लिया। करीब 20 मिनट बाद, पुलिस के आठ गाड़ियों का दल मौके पर पहुंच गया और उसे बंदूक की नोक पर जमीन पर लेटने के लिए कहा गया।

टैकी ने स्थानीय चैनल WMAR-2 News से कहा- “पुलिस ने बंदूकें मेरी ओर तान दीं और मुझसे कहा- नीचे लेट जाओ। फिर उन्होंने मुझे हथकड़ी लगा दी।” हालांकि, बाल्टीमोर काउंटी पुलिस विभाग ने बाद में बताया कि टैकी को गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि “स्थिति को सुरक्षित रूप से सुलझा लिया गया क्योंकि कोई खतरा नहीं पाया गया।”

एआई सिस्टम की गलती कैसे हुई

पुलिस के अनुसार, स्कूल में लगे AI गन डिटेक्शन सिस्टम ने टैकी के हाथ में चिप्स के पैकेट को गलती से फायरआर्म (बंदूक) समझ लिया और अलर्ट जारी कर दिया। यह अलर्ट पहले मानव समीक्षकों को भेजा गया, जिन्होंने कोई खतरा नहीं पाया, लेकिन स्कूल प्रिंसिपल यह सूचना मिस कर गईं और उन्होंने सुरक्षा टीम को सूचित कर दिया, जिसने बाद में पुलिस को बुला लिया।

स्कूल और कंपनी की प्रतिक्रिया

स्कूल की प्रिंसिपल केट स्मिथ ने अभिभावकों को पत्र लिखते हुए बताया कि स्कूल की सुरक्षा टीम ने तुरंत अलर्ट की समीक्षा की और उसे रद्द किया, लेकिन पुलिस तब तक पहुंच चुकी थी। AI सिस्टम बनाने वाली कंपनी Omnilert ने इस घटना पर खेद जताते हुए कहा- “हमें इस घटना का अफसोस है और हम छात्र व समुदाय से अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं।”

कंपनी ने कहा कि उसका सिस्टम सुरक्षा प्राथमिकता के तहत काम करता है और इंसानी समीक्षा के बाद अलर्ट को स्कूल की सुरक्षा टीम को भेजा गया था। बाद में जब यह तय हुआ कि वस्तु हथियार नहीं है, तो मामला सिस्टम में “resolved” मार्क कर दिया गया।

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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