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AI Impact Summit 2026: मुकेश अंबानी ने रखा विकसित भारत का सपना, बोले- हर इंसान के लिए आ सकती है समृद्धि

AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली में चल रहे India AI Impact Summit 2026 में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि Artificial Intelligence (AI) भारत को विकसित भारत (VIKSIT BHARAT) बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि भारत का लक्ष्य 2047 तक पूरी तरह विकसित देश बनना है, जो स्वतंत्रता की शताब्दी का वर्ष होगा।

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AI Impact Summit 2026 में मुकेश अंबानी का भाषण

AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली में इंडिया एआई इंपैक्ट समिट चल रहा है। भारत आज एक नई टैक्नोलॉजी क्रांति की दहलीज पर खड़ा है। इस मौके पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने India AI Impact Summit 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि Artificial Intelligence (AI) देश को विकसित भारत (VIKSIT BHARAT) की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का लक्ष्य 2047 तक पूरी तरह विकसित राष्ट्र बनना है, जो स्वतंत्रता की शताब्दी का साल होगा।

AI:भारत और ग्लोबल साउथ के लिए अवसर

मुकेश अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और मार्गदर्शन की प्रशंसा की और कहा कि मोदी जी का AI-powered भारत का विजन केवल देश के लिए नहीं, बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के लिए एक मॉडल हो सकता है। उनका मानना है कि AI का सही इस्तेमाल गरीबी को खत्म कर सकता है और हर इंसान के लिए समृद्धि ला सकता है। उन्होंने इसे महाभारत की अक्षय पात्र से तुलना की, जो कभी खत्म न होने वाला भोजन देता था। इसी तरह AI ज्ञान, दक्षता और उत्पादकता के क्षेत्र में असीमित वृद्धि का साधन बन सकता है।

AI का वैश्विक परिप्रेक्ष्य: चुनौतियां और अवसर

अंबानी ने कहा कि दुनिया आज एक महत्वपूर्ण सवाल पर खड़ी है। AI केवल कुछ चुनिंदा लोगों के लिए शक्तिशाली बनेगी या सभी के लिए अवसर सुलभ करेगी? वर्तमान में, ग्लोबल नॉर्थ में डेटा, कंप्यूट और AI क्षमता का केंद्रित होना असमानता बढ़ा रहा है। लेकिन भारत इस दूसरे रास्ते पर विश्वास करता है। एक ऐसा भविष्य जहां AI सभी के लिए सुलभ और लाभकारी हो। अंबानी ने स्पष्ट किया कि भारत आने वाले दशकों में AI के क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े देशों में से एक बनेगा।

भारत की ताकत: डेटा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप्स

अंबानी ने भारत की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा यूजर्स है, करीब 1 अरब इंटरनेट यूजर्स के साथ है। Aadhaar के 1.4 अरब डिजिटल IDs। UPI के माध्यम से प्रति माह 12 अरब से अधिक लेनदेन। देश के 100,000 स्टार्टअप और 100+ यूनिकॉर्न्स के साथ टॉप 3 स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को अब कई देशों ने अपनाया है। अंबानी ने कहा कि Jio, 500 मिलियन से अधिक ग्राहकों के साथ, इस डिजिटल परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और अब AI के क्षेत्र में भी नेतृत्व करेगा।

Jio का AI रोडमैप

मुकेश अंबानी ने Jio और Reliance की तरफ से तीन बड़े ऐलान किए।

  • पहला: Jio ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा, अब इसे Intelligence युग से जोड़ेगा। हर नागरिक, हर सेवा और हर क्षेत्र में AI की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
  • दूसरा: अगले सात सालों में ₹10 लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा। यह निवेश केवल मूल्यांकन के लिए नहीं, बल्कि स्थायी आर्थिक मूल्य और रणनीतिक मजबूती के लिए है।
  • तीसरा: भारत का Sovereign Compute Infrastructure बनाया जाएगा, जिसमें शामिल हैं, Gigawatt-Scale Data Centres: Jamnagar में AI-ready डेटा सेंटर्स का निर्माण। ग्रीन एनर्जी एडवांटेज- 10 GW तक की तैयार हरित ऊर्जा, सोलर पावर के माध्यम से। Nationwide Edge Compute: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नजदीकी और सस्ती AI पहुंच।

Jio Intelligence के पांच सिद्धांत

अंबानी ने Jio Intelligence के पांच मूल सिद्धांत बताए।

  • AI के माध्यम से भारत का गहन तकनीकी और उन्नत विनिर्माण नेतृत्व।
  • सभी भारतीय भाषाओं में विश्व-स्तरीय मल्टीलिंगुअल AI।
  • सुरक्षा, डेटा रेजिडेंसी और विश्वास।
  • AI रोजगार नहीं छीनता, बल्कि नए उच्च-कौशल वाले अवसर पैदा करता है।
  • मजबूत इकोसिस्टम के निर्माण पर जोर।

उन्होंने बताया कि AI को उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में हर स्तर पर लागू किया जाएगा। IITs, IISc और अन्य अनुसंधान संस्थानों के साथ साझेदारी की जाएगी और स्टार्टअप्स को सस्ती कंप्यूटिंग और को-डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म प्रदान किया जाएगा।

शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में AI का उपयोग

  1. शिक्षा: JioShikshak 22 भाषाओं में AI आधारित शिक्षण सहायक। 250 मिलियन स्कूल बच्चे और 50 मिलियन उच्च शिक्षा के छात्र इससे लाभान्वित होंगे।
  2. स्वास्थ्य: Jio ArogyaAI किसी भी फोन पर 5 मिनट के अंदर स्थानीय भाषा में प्राथमिक चिकित्सा मार्गदर्शन।
  3. कृषि: JioKrishi सैटेलाइट इमेजरी और मौसम डेटा के माध्यम से 140 मिलियन किसानों को सरल, वॉइस-फर्स्ट सलाह।
  4. दैनिक जीवन: JioBharatIQ वॉइस-फर्स्ट AI साथी, नागरिकों को सीखने, कमाने और सरकारी सेवाओं तक पहुँचने में मदद करेगा।

AI से भारतीय संस्कृति और सॉफ्ट पावर का विकास

अंबानी ने कहा कि JioFrames जैसे AI-आधारित डिवाइस और JioHotstar के माध्यम से भारतीय रचनात्मकता और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर पेश किया जाएगा। AI के जरिए भारत की संस्कृति को डिजिटल रूप से संरक्षित और लोकप्रिय बनाया जाएगा।

वैश्विक सहयोग और भारत का नेतृत्व

अंबानी ने जोर देकर कहा कि AI की सफलता वैश्विक सहयोग पर निर्भर करती है। भारत ग्लोबल साउथ और ग्लोबल नॉर्थ के बीच सेतु का काम करता है। AI में साझेदारी, इनोवेशन और ज्ञान साझा करने की भावना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि South या North, East या West हम सभी के पास केवल One Earth, One Family और One Future है।

बुद्धिमत्ता और सहानुभूति के साथ भविष्य का निर्माण

अंबानी ने अपने भाषण का समापन करते हुए कहा कि भारत में AI केवल तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि सामाजिक समावेशन और आर्थिक समृद्धि का साधन बनेगा। उन्होंने सभी को बुद्धिमत्ता और सहानुभूति के साथ AI का उपयोग करके बेहतर भविष्य बनाने का आह्वान किया।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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