टेक एंड गैजेट्स

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बोलबाला, 80% कंपनियां कर रहीं इस्तेमाल

AI Usage In India: इसके अलावा, 10 प्रतिशत से भी कम भारतीय अधिकारियों को एआई-ड्रिवन ऑटोमेशन के कारण कर्मचारियों की संख्या में कमी की उम्मीद है। लगभग 81 प्रतिशत भारतीय कंपनियां एआई से जुड़े साइबर सिक्योरिटी उपायों में सुधार की जरूरत को स्वीकार करती हैं, जो कि एआई एप्लीकेशन के बढ़ती जटिलता को देखते हुए महत्वपूर्ण है।

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Artificial intelligence (Image Source: iStockphoto)

AI Usage In India: भारत ने खुद को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अपनाने में अग्रणी देश के रूप में स्थापित किया है। इसी के साथ देश में 80 प्रतिशत कंपनियों ने एआई को 'मुख्य रणनीतिक प्राथमिकता' के रूप में पहचाना है, जो वैश्विक औसत 75 प्रतिशत से काफी अधिक है। बुधवार को आई एक एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) की रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 69 प्रतिशत भारतीय कंपनियां 2025 में टेक इन्वेस्टमेंट बढ़ाने की योजना बना रही हैं, जिनमें से एक तिहाई कंपनियां एआई पहलों के लिए 25 मिलियन डॉलर से अधिक आवंटित कर रही हैं।

इसके अलावा, 10 प्रतिशत से भी कम भारतीय अधिकारियों को एआई-ड्रिवन ऑटोमेशन के कारण कर्मचारियों की संख्या में कमी की उम्मीद है। बीसीजी एक्स, बीसीजी के इंडिया लीडर निपुण कालरा ने कहा, "यह देश के महत्वाकांक्षी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एजेंडे के अनुरूप है। इस संदर्भ में, 69 प्रतिशत भारतीय फर्मों ने 2025 में अपने टेक इन्वेस्टमेंट को बढ़ाने की योजना बनाई है, जिसमें से एक तिहाई कंपनियां एआई पहलों के लिए 25 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश कर रही हैं।"

लगभग 81 प्रतिशत भारतीय कंपनियां एआई से जुड़े साइबर सिक्योरिटी उपायों में सुधार की जरूरत को स्वीकार करती हैं, जो कि एआई एप्लीकेशन के बढ़ती जटिलता को देखते हुए महत्वपूर्ण है। कालरा ने कहा, "दिलचस्प बात यह है कि भारतीय कंपनियां भी हाई-इंपैक्ट एप्लीकेशन के लिए एआई को अपना रही हैं, जिसमें वर्कफ्लो को नया आकार देने और नए व्यवसाय मॉडल का आविष्कार करने पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है, जिससे भारत इस सेक्टर में इनोवेशन के वाहक के रूप में स्थापित हो रहा है,"

जबकि 76 प्रतिशत भारतीय कार्यकारी स्वीकार करते हैं कि एआई साइबर सुरक्षा उपायों में महत्वपूर्ण सुधार की आवश्यकता है, 54 प्रतिशत नियामक चुनौतियों को एआई अपनाने में कमी लाने वाले एक प्रमुख कारक के रूप में देखते हैं। विश्व स्तर पर केवल 7 प्रतिशत कार्यकारी यह अनुमान लगाते हैं कि एआई ऑटोमेशन से कर्मचारियों की कुल संख्या में कमी आएगी। बीसीजी के सीईओ क्रिस्टोफ श्वेजर ने कहा, "सीईओ के साथ मेरी चर्चा में यह साफ है कि वे उत्पादकता बढ़ाने के लिए एआई को प्राथमिकता दे रहे हैं।"

इनपुट- आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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