लुसाने (स्विट्जरलैंड): अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की गुरुवार को जारी नयी पात्रता नीति के तहत ट्रांसजेंडर महिला खिलाड़ियों को अब ओलंपिक में खिलाड़ी के तौर पर भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। यह नीति अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के महिलाओं के खेलों पर कार्यकारी आदेश के अनुरूप है और 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक से लागू होगी।
जैविक महिलाएं ही ले सकेंगी ओलंपिक में भाग
आईओसी ने कहा,'ओलंपिक खेलों या किसी अन्य ओलंपिक स्पर्धा में किसी भी महिला वर्ग की प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के लिए पात्रता अब केवल जैविक महिलाओं तक सीमित होगी, जिसे ’एसआरवाई जीन स्क्रीनिंग’ के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।' वर्तमान में यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी या कोई भी ट्रांसजेंडर महिला ओलंपिक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। पुरुष के रूप में जन्म लेने के बाद महिला बनी किसी भी खिलाड़ी ने पेरिस ओलंपिक (2024) में भाग नहीं लिया था।
जैविक पुरुष का जैविक महिला से मुकाबला सही नहीं
आईओसी की अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री ने कहा कि यह अहम फैसला इसलिए लिया गया है, क्योंकि 'बायोलॉजिकल तौर पर पुरुष एथलीटों का महिलाओं की कैटेगरी में मुक़ाबला करना सही नहीं होगा।'आईओसी ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ओलंपिक खेलों में महिलाओं के वर्ग में भाग लेने के लिए इच्छुक सभी एथलीटों को अपने बायोलॉजिकल लिंग का पता लगाने के लिए एक बार SRY(लिंग-निर्धारक क्षेत्र Y जीन) स्क्रीनिंग करवानी होगी। यह जांच आमतौर पर गाल के अंदर से लिए गए स्वैब या लार के नमूने से की जाती है जिसमें शरीर के अंदर किसी तरह का दखल नहीं होता है।
महिलाओं के खेलों की निष्पक्षता और सुरक्षा
कोवेंट्री ने आगे कहा कि यह फैसला सभी व्यक्तिगत और टीम स्पोर्ट्स पर लागू होगा है। यह विज्ञान पर आधारित है और महिलाओं के खेलों की निष्पक्षता और सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा। एक पूर्व एथलीट के तौर पर, मेरा पूरी शिद्दत से यह मानना है कि सभी ओलंपियनों को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने का अधिकार है।'
(भाषा इनपुट के साथ)
