भारत के लिए जो काम दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधू और कभी नंबर वन बैडमिंटन खिलाड़ी रही सायना नहीं कर पाई, वो तन्वी पत्री ने कर दिखाया।भारतीय बैडमिंटन की उभरती खिलाड़ी तन्वी पत्री ने बुधवार को यूथ ओलंपिक गेम्स के सेमीफाइनल में जगह बना ली। इसके साथ ही उन्होंने इतिहास रच दिया। वह यूथ ओलंपिक के सेमीफाइनल गेम्स में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं। ओडिशा की 15 वर्षीय तन्वी ने थाईलैंड की कुंगकाएव कनानिक को 21-17, 21-13 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई।
बेंगलुरु स्थित ’सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ में ट्रेनिंग लेने वाली तन्वी का सेमीफाइनल में सामना जापान की युजुनो वातानाबे से होगा। दोनों खिलाड़ी इससे पहले 2024 में थाईलैंड में आयोजित पाथुम थानी जूनियर इंटरनेशनल सीरीज में भिड़ी थीं जिसमें तन्वी को 14-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा था।
बनीं चौथी भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी
तन्वी भारत की चौथी बैडमिंटन खिलाड़ी बन गईं हैं। उनसे पहले केवल तीन भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी एचएस प्रणय, लक्ष्य सेन और आदित्य जोशी युवा ओलंपिक के सेमीफाइनल तक पहुंचे थे। प्रणय ने 2010 में सिंगापुर में आयोजित पहले युवा ओलंपिक में रजत पदक जीता था। वहीं लक्ष्य सेन ने 2018 में ब्यूनस आयर्स में हुए खेलों में उपविजेता रहते हुए रजत पदक हासिल किया था। आदित्य जोशी 2014 में लड़कों के एकल वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचे थे, लेकिन उन्हें बिना पदक के लौटना पड़ा था।
उभरती हुईं बैडमिंटन खिलाड़ी हैं तन्वी
तन्वी की हालिया उपलब्धि बताती है कि वह भारत के लिए बैडमिंटन की दुनिया के फ्यूचर सुपरस्टार हैं। इससे पहले तन्वी ने चीन में आयोजित बैडमिंटन एशिया अंडर-17 और अंडर-15 चैंपियनशिप में लड़कियों के एकल वर्ग का अंडर-17 खिताब जीता था। फाइनल में उन्होंने एक अन्य भारतीय खिलाड़ी को हराया था।इस उपलब्धि के साथ तन्वी अंडर-15 और अंडर-17 दोनों महाद्वीपीय खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बनी थी।
