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खेल मंत्री ने ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले अमन सहरावत का किया सम्मान, जानें कितना मिला कैश प्राइज

Aman Sehrawat: कुश्ती में पेरिस ओलंपिक में एकमात्र मेडल दिलाने वाले अमन सहरावत ने खेल मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ मुलाकात की है। इस दौरान खेल मंत्री ने इस ओलंपियन का मेडल पहनाकर सम्मान किया और उन्हें कैश प्राइज से भी नवाजा।

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अमन सहरावत और मनसुख मंडाविया (साभार-ANI)

Aman Sehrawat: पेरिस ओलंपिक में भारत को कुश्ती में एकमात्र मेडल दिलाने वाले अमन सहरावत को खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने ब्रॉन्ज मेडलिस्ट अमन सहरावत को तीस लाख रुपये का कैश प्राइज भी दिया। अमन के साथ इस खास मौके पर टोक्यो ओलंपिक के सिल्वर मेडलिस्ट रवि दहिया भी मौजूद थे। आपके बता दें कि अमन ने रवि दहिया की वेट कैटेगेरी 57 किलोग्राम भारवर्ग में ही ब्रॉन्ज मेडल जीता है। 21 साल के अमन ओलंपिक में मेडल जीतने वाले भारत के सबसे युवा रेसलर हैं।

पेरिस में रेसलिंग इवेंट में पदक लेने वाले इकलौते भारतीय

अमन ने 57 किलोग्राम भारवर्ग फ्री स्टाइल ब्रान्ज मेडल मैच में प्यूर्टो रिको के रेसलर डेरियन क्रूज को 13-5 से हराकर पेरिस ओलंपिक में भारत को छठा मेडल दिलाया था। पेरिस ओलंपिक में कुश्ती में भारत का यह पहला मेडल था। इससे पहले उन्हें सेमीफाइनल मुकाबले में जापान के रेसलर रेइ हिगुची से हार का सामना करना पड़ा। हिगुची ने उन्हें 10-0 से हराया था। लेकिन रेपचेज में अमन को ब्रान्ज मेडल मैच खेलने को मौका मिला और उन्होंने देशवासियों को निराश नहीं किया। बाद में रेई हिगुची ने ही 57 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

अमन ने बरकरार रखी परंपरा

अमन ने 2008 से चली आ रही परंपरा को पेरिस ओलंपिक में भी बरकरार रखा। बीजिंग ओलंपिक से भारत को हर बार रेसलिंग में कम से कम एक मेडल लगातार मिलता आया था। इस बार लग रहा था कि यह परंपरा टूट जाएगा, लेकिन सेमीफाइनल मैच गंवाने के बावजूद अमन ने हिम्मत नहीं हारी और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। टोक्यों में रेसलिंग में भारत ने दो मेडल जीते थे। रवि दहिया ने सिल्वर और बजरंग पूनिया ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।
Sameer Thakur
समीर कुमार ठाकुरauthor

समीर कुमार ठाकुर टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। करीब 10 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ वे न केवल क्रिकेट, बल्कि हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन और अन्य प्रमुख खेलों की गहरी समझ रखते हैं। खेलों की बारीकियों को पकड़ने, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और मैच परिस्थितियों को सरल व रोचक अंदाज में समझाने की उनकी क्षमता उन्हें स्पोर्ट्स बीट का एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है। जर्नलिज़्म में डिप्लोमा कर चुके समीर ने टीवी मीडिया में भी काम किया है, जिससे उन्हें लाइव न्यूज प्रेजेंटेशन, ब्रेकिंग अपडेट्स और विजुअल स्टोरीटेलिंग का अनुभव मिला। समीर अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स इंटरव्यू, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग और मैच व सीरीज आधारित विश्लेषण शामिल हैं।

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