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भारत के युवा निशानेबाज प्रीतम केंद्रे ने रचा इतिहास, जूनियर विश्व चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर राइफल का गोल्ड जीता

Pritam Kendre Wins Gold In Junior Shooting Championship: भारत के युवा निशानेबाज प्रीतम केंद्रे ने अपने कौशल और एकाग्रता का शानदार नमूना पेश करते हुए रविवार को यहां आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। भारत ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में कांस्य पदक भी जीता, जिससे उसके पदकों की कुल संख्या 11 हो गई। इनमें पांच स्वर्ण पदक भी शामिल हैं।

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प्रीतम केंद्रे (X/ISSF)

भारत के युवा निशानेबाज प्रीतम केंद्रे ने अपने कौशल और एकाग्रता का शानदार नमूना पेश करते हुए रविवार को यहां आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। भारत ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में कांस्य पदक भी जीता, जिससे उसके पदकों की कुल संख्या 11 हो गई। इनमें पांच स्वर्ण पदक भी शामिल हैं।

अपने दूसरे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग ले रहे 16 वर्षीय प्रीतम ने आठ खिलाड़ियों के फाइनल में 251.3 का स्कोर बनाकर तटस्थ खिलाड़ी टिमोफेई एलेनिकॉव और नॉर्वे के जेन्स ओस्टली को पीछे छोड़ते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। पुणे के इस निशानेबाज ने हाल ही में अपनी कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

प्रीतम ने कहा, "मैं स्वर्ण पदक जीत कर बेहद खुश हूं। प्रतियोगिता के दौरान मेरा पूरा ध्यान अपनी तकनीक और प्रत्येक शॉट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर था। उन्होंने कहा, "विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने से मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। मैं 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में लगातार सुधार करना चाहता हूं और देश के लिए लगातार पदक जीतना चाहता हूं।"

प्रीतम और उनके साथी पीयूष शर्मा क्वालीफाइंग राउंड में क्रमशः 628.2 और 629.0 का स्कोर बनाकर क्रमशः तीसरे और पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में पहुंचे थे। प्रीतम दूसरी सीरीज के बाद छठे स्थान पर थे, जबकि पीयूष ने बढ़त बना ली थी। प्रीतम ने हालांकि इसके बाद अच्छा प्रदर्शन किया। पीयूष ने भी पदक की उम्मीद बनाए रखी थी लेकिन वह चौथे एलिमिनेशन राउंड के बाद शीर्ष तीन में जगह बनाने से सिर्फ 0.1 अंक से चूक गए और चौथे स्थान पर रहे।

प्रीतम ने इसके बाद भी एकाग्रता बनाए रखी और आखिर में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय पुरुष टीम हालांकि रैंकिंग में जगह नहीं बना पाई क्योंकि टीम के तीसरे सदस्य अभिनव साव को अयोग्य घोषित कर दिया गया। उनके उपकरण आईएसएसएफ के मानकों पर खरे नहीं उतरे थे।

भारत ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में अंजलि भागवत, परिशा गुप्ता और निथिला क्रिस्टोफर के संयुक्त प्रयास से कांस्य पदक जीता। इन तीनों ने कुल मिलाकर 1713 अंक बनाए। अंजलि इस स्पर्धा के व्यक्तिगत फाइनल में पहुंचने वाली एकमात्र भारतीय निशानेबाज थीं। उन्होंने 577 के स्कोर के साथ सातवें स्थान पर रहते हुए क्वालीफाई किया। फाइनल में हालांकि वह छठा स्थान ही हासिल कर पाई।

(भाषा इनपुट के साथ)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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