Trump Xi Jinping Meeting 2026: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच चीन-अमेरिका संबंधों, व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ताइवान और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने 2026 में होने वाली एपेक और जी-20 बैठकों की मेजबानी में एक-दूसरे का समर्थन करने पर भी सहमति जताई।
शी बोले- सहयोग को मुख्य आधार बनाना होगा
शी जिनपिंग ने कहा कि छह महीने से भी कम समय में दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की एक-दूसरे के देशों की यात्रा चीन-अमेरिका संबंधों के इतिहास में अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि मई में ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने रचनात्मक और रणनीतिक स्थिरता वाले चीन-अमेरिका संबंध बनाने पर सहमति जताई थी।
शी ने कहा कि इस विजन को अब व्यवहार में उतारने की जरूरत है। उन्होंने चीन-अमेरिका संबंधों में सहयोग को मुख्य आधार, प्रतिस्पर्धा को सीमित दायरे में रखने और मतभेदों को प्रबंधित करने पर जोर दिया।
व्यापार पर भी बनी सहमति की कोशिश
शी ने कहा कि दोनों देशों की आर्थिक और व्यापारिक टीमों के बीच नए दौर की बातचीत हुई है और एक नई संयुक्त व्यवस्था पर सहमति बनी है। उनके मुताबिक, इससे दोनों देशों के उद्योगों और लोगों के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को स्थिर रखने के लिए दोनों देशों को सहयोग के क्षेत्रों को बढ़ाना और विवादों को कम करना चाहिए। शी ने समानता, आपसी सम्मान और पारस्परिक लाभ के आधार पर मतभेदों को सुलझाने की बात कही।
एआई पर बोले शी- प्रतिस्पर्धा के साथ सहयोग भी जरूरी
बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का मुद्दा भी उठा। शी ने कहा कि चीन और अमेरिका दोनों के पास एआई के क्षेत्र में मजबूत क्षमताएं हैं। दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा हो सकती है, लेकिन सहयोग की संभावनाएं भी हैं।
उन्होंने एआई के जोखिम और फायदे पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखने और इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए मिलकर काम करने की बात कही। शी ने जोर दिया कि एआई मानव नियंत्रण में रहना चाहिए और इसका विकास मानव हित में होना चाहिए।
ताइवान पर चीन ने अपना रुख दोहराया
ताइवान के मुद्दे पर शी जिनपिंग ने कहा कि चीन की राष्ट्रीय एकता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा को लेकर उसका रुख स्पष्ट है। उन्होंने अमेरिका से 'ताइवान स्वतंत्रता' का विरोध करने और ताइवान के मुद्दे को सावधानी से संभालने की उम्मीद जताई।
ट्रंप बोले- अमेरिका और चीन दोनों महान देश
ट्रंप ने शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अमेरिका और चीन दोनों महान देश हैं। उन्होंने शी को अपना मित्र बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच संवाद जारी रहना चाहिए।
ट्रंप ने आर्थिक और व्यापारिक टीमों के बीच बातचीत के नए नतीजों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को बातचीत जारी रखकर और बेहतर समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। एआई को लेकर ट्रंप ने भी दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग बढ़ाने की बात कही।
यूक्रेन, मध्य पूर्व और कोरियाई प्रायद्वीप पर भी चर्चा
दोनों राष्ट्रपतियों ने मध्य पूर्व की स्थिति, यूक्रेन संकट और कोरियाई प्रायद्वीप समेत प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
व्हाइट हाउस के मुताबिक, शी जिनपिंग 24 सितंबर को ट्रंप के निमंत्रण पर अमेरिका की राजकीय यात्रा पर पहुंचे थे। बैठक में चीन की ओर से कैई छी, वांग यी और हे लाइफेंग समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए।
