भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट जीतकर इतिहास बना दिया है। वह इस खिताब को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उनकी इस बड़ी जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें बधाई दी है। शनिवार को ओस्लो में खेले गए आखिरी दौर में प्रज्ञानानंदा ने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को हराकर यह खिताब अपने नाम किया। जीत के बाद उन्होंने कहा कि यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है। दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को दो बार हराकर खिताब जीतना उनके लिए और भी खास है।
पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रज्ञानानंदा की तारीफ की। उन्होंने लिखा, “प्रज्ञानानंदा को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई। यह वास्तव में एक असाधारण उपलब्धि है जो उनकी निरंतर उत्कृष्टता को दर्शाती है। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरी शुभकामनाएं।" PM ने इसे भारतीय खेल इतिहास की बड़ी उपलब्धि बताया। गृह मंत्री अमित शाह ने ‘X’ पर लिखा, “आर प्रज्ञानानंदा को नॉर्वे शतरंज चैंपियन बनने पर बधाई। आपने पूरे समर्पण, शानदार चाल और रणनीतिक सोच से देश का गौरव बढ़ाया है। उम्मीद है कि आप और खिताब जीतकर युवाओं को प्रेरित करते रहेंगे।”
नॉर्वे शतरंज जीतने वाले पहले भारतीय
नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट 2013 में शुरू हुआ था। तब से कोई भी भारतीय इसे नहीं जीत पाया था। इस बार ओपन वर्ग के सभी 6 खिलाड़ियों की रेटिंग 2700 से ज्यादा थी। मैग्नस कार्लसन 2840 रेटिंग के साथ सबसे ऊपर थे। इतने मजबूत खिलाड़ियों के बीच खिताब जीतना बहुत बड़ी बात है। आखिरी दौर में प्रज्ञानानंदा के 18 अंक हो गए। उन्होंने अमेरिका के वेस्ली सो और फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा को पीछे छोड़ दिया। अगर सो अपनी क्लासिकल बाजी जीत जाते तो प्रज्ञानानंदा खिताब से चूक जाते। लेकिन सो का मैच ड्रॉ रहा और प्रज्ञानानंदा चैंपियन बन गए। प्रज्ञानानंदा ने कहा, “औसत रेटिंग के मामले में यह सबसे मजबूत टूर्नामेंट था। यहां सिर्फ टॉप खिलाड़ी थे। कार्लसन के रहते हुए इसे जीतना और भी खास है।” उन्होंने बताया कि इस बार उन्होंने तेजी से लेकिन संयम के साथ खेलने की कोशिश की। इसी वजह से ज्यादातर मैचों में उनके पास विरोधी से ज्यादा समय बचा।अब प्रज्ञानानंदा 16 से 22 जून तक हांगकांग में होने वाली ‘विश्व रैपिड टीम चैंपियनशिप’ में ‘चेस गुरुकुल’ की तरफ से खेलेंगे। फिलहाल वह कुछ दिन शतरंज से ब्रेक लेना चाहते हैं।
