स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। साल 2010 की फीफा चैंपियन स्पेन ने फुटबॉल विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। स्पेन ने बेल्जियम को क्वार्टर फाइनल मुकाबले में 2-1 से मात दी। स्पेन की इस रोमांचक जीत में मिकेल मेरिनो ने विनिंग गोल किया। इस गोल की मदद से वह लगातार दो अलग-अलग मुकाबले में विनिंग गोल करने वाले पहले सब्स्टीट्यूट फुटबॉलर बने।
मैच में बेल्जियम और स्पेन के बीच रोमांचक जंग देखने को मिली। पहले हॉफ तक दोनों टीमें बराबरी का खेल दिखाया। स्पेन के लिए पहला गोल फैबियान रुईज ने 30वें मिनट में किया और टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, 11 मिनट के बाद शार्ल डे केटलारे के हेडर गोल चलते 41वें मिनट में बेल्जियम को 1-1 की बराबरी कर ली।
86वें मिनट में उतरे मैदान पर
सेकेंड हॉफ में स्पेन ने बदलाव करते हुए 86वें मिनट में मिकेल मेरिनो को मैदान पर उतारा। इसके दो मिनट बाद ही मिकेल ने गोल दागकर टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। 30 साल के मरीनो ने इस गोल की मदद से इतिहास रच दिया। वह एक ही वर्ल्ड कप में दो अलग-अलग नॉकआउट मैचों में सब्स्टीट्यूट के तौर पर विनिंग गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
बने पहले फुटबॉलर
इससे पहले मरीनो ने राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल के खिलाफ बेंच से मैदान पर उतारा गया था। उन्होंने स्टॉपेज टाइम में मैच का एकमात्र गोल करके स्पेन को क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया था। अब बेल्जियम के खिलाफ भी मैच विनिंग गोल दागा। वह फीफा वर्ल्ड कप में स्पेन के लिए 80वें मिनट या उसके बाद दो मैच जिताने वाले गोल करने वाले पहले फुटबॉलर भी बन गए हैं।
एक बार मिली प्लेइंग इलेवन में जगह
टूर्नामेंट में स्पेन के सभी छह मैचों में खेलने के बावजूद, मेरिनो को सिर्फ एक बार शुरुआती प्लेइंग-11 में शामिल किया गया। इस मिडफील्डर ने सब्स्टीट्यूट के तौर पर पांच बार मैदान पर कदम रखा। इस खिलाड़ी ने सब्स्टीट्यूट के रूप में आकर मैच का रुख बदलने में अपनी पहचान बना ली है। वाले खिलाड़ी के तौर पर उनकी बढ़ती पहचान का पता चलता है।
