FIFA World Cup 2026: मेक्सिको सिटी के एस्टाडियो एज़्टेका मैदान में खेले गए फीफा विश्व कप 2026 के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराकर मेजबान मेक्सिको ने अपने अभियान का आगाज जीत के साथ किया। घरेलू टीम का प्रदर्शन शानदार रहा और इस जीत से 'राउंड ऑफ़ 32' में पहुंचने की उनकी उम्मीदें काफ़ी बढ़ गईं। हालांकि, इस बड़ी जीत के बावजूद, मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका ने मिलकर एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो 1930 में फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत के बाद से पिछले 96 सालों के इतिहास में कभी नहीं बना था।
मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के मैच में कुल तीन रेड कार्ड दिखाए गए। मैच के 49वें मिनट में साउथ अफ्रीका के याया सिथोले को पहला रेड कार्ड मिला। 84वें मिनट में डिफेंडर थेम्बा जवाने को बाहर भेजे जाने के बाद साउथ अफ्रीका की टीम में 9 खिलाड़ी ही रह गए। मेक्सिको को मैच का अपना एकमात्र रेड कार्ड तब मिला, जब स्टॉपेज टाइम के दूसरे मिनट में सेसारे मोंटेस को बाहर भेज दिया गया। इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब फुटबॉल वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में तीन रेड कार्ड दिखाए गए हैं।
इससे पहले FIFA वर्ल्ड कप के ओपनिंग मैच में सबसे ज्यादा रेड कार्ड का रिकॉर्ड 1990 में बना था, जब अर्जेंटीना और कैमरून के मैच में दो रेड कार्ड दिखाए गए थे और दोनों ही कार्ड कैमरून के खिलाड़ियों को मिले थे।
अब मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका की टीमें एक अनचाही लिस्ट में शामिल हो गई हैं। मेक्सिको-दक्षिण अफ्रीका मैच फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास का सातवां ऐसा मैच बन गया है जिसमें तीन या उससे ज्यादा रेड कार्ड दिखाए गए। एक ही मैच में सबसे ज्यादा रेड कार्ड का रिकॉर्ड फ्रांस और पुर्तगाल के बीच हुए राउंड ऑफ 16 मैच के नाम है, जिसमें कुल 4 खिलाड़ियों को बाहर भेजा गया था।
