इंग्लैंड में चल रही सबसे प्रतिष्ठित टेनिस ग्रैंड स्लैम चैंपियनशिप विंबलडन के सेंटर कोर्ट पर खेल रही मार्ता कोस्तयुक का पूरा ध्यान अपने देश यूक्रेन पर था, जिस पर रूस ने एक बार फिर हमला कर दिया है। कोस्तयुक अपना मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। सोमवार को जब कोस्तयुक के माता-पिता के घर के पास रिहायशी इमारतों पर रूसी मिसाइलें गिरीं तो उन्हें इसे नजरंदाज करके ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में अपना चौथे दौर का मैच खेलना पड़ा। पिछले सप्ताह रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर 11 घंटे तक ड्रोन और मिसाइल से हमले किये जिसमें कम से कम 21 आम नागरिक मारे गए।
कोस्तयुक को हर दिन टेनिस पर फोकस करने के तरीके तलाशने पड़ रहे हैं जबकि उनका मन देश में हो रही घटनाओं पर लगा हुआ है। उन्होंने जैसमीन पाओलिनी पर 6-3, 6-2 से मिली जीत के बाद कहा, "पूरी तरह से अनदेखा करना संभव नहीं है। पिछला सप्ताह मेरे लिये काफी कठिन था जब यह बड़ा हमला हुआ।"
उन्होंने कहा, "सोमवार को उन्होंने रिहायशी इमारतों की चार सड़कें ध्वस्त कर दी जो मेरे माता पिता के घर से पांच किलोमीटर दूर है। कई मासूम लोग, बच्चे मारे गए। मैं कोशिश कर रही हूं कि वहां के ताजा समाचार मिलते रहें और यह भी कोशिश है कि उनका असर मुझ पर ज्यादा नहीं पड़े।
अधिकांश खेलों की तरह टेनिस में भी रूस के खिलाड़ी 2022 से तटस्थ खिलाड़ियों की तरह खेल रहे हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने मंगलवार को रूस पर लगाया गया प्रतिबंध अस्थायी तौर पर हटा दिया और सुझाव दिया कि व्यक्तिगत खेलों में भी रूस के खिलाड़ियों का तटस्थ दर्जा हटा दे।
मार्ता कोस्तयुक ने दिया ये विस्फोटक बयान
मार्ता कोस्तयुक ने सेमीफाइनल में जगह बनाने के बाद कहा, "ये भयावह है। यह सिर्फ यूक्रेन ही नहीं बल्कि सभी देशों के लिये निष्पक्ष खेल से बहुत दूर है मैं ओलंपिक में हर रूसी खिलाड़ी को हराना चाहती हूं।"
