स्पोर्ट्स

मनीषा भानवाला इतिहास रचने से एक जीत दूर, महिलाओं की 59kg वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में बनाई जगह

मनीषा भानवाला ने अल्टीन शागायेवा को 10-0 से हराकर महिलाओं की 59kg वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई। वह काजल और नीलम के बाद फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं।

Image

इतिहास रचने से एक जीत दूर मनीषा। फोटो- साभार, manisha_bhanwala17 इंस्टाग्राम

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। मनीषा भानवाला भारतीय कुश्ती के लिए इतिहास रचने से बस एक जीत दूर हैं। 29 साल की मनीषा ने गुरुवार को कजाकिस्तान के अस्ताना में वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में महिलाओं के 59kg के फाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में अल्टीन शागायेवा को 10-0 से हराया। मनीषा शुक्रवार के फाइनल में यूनाइटेड स्टेट्स की एबिगेल नेटे से भिड़ेंगी और उनके पास भारत की पहली महिला वर्ल्ड चैंपियन बनने का मौका है। उनके क्वालिफिकेशन ने उन्हें काजल धोचक और नीलम सिरोही के बाद चैंपियनशिप के इस एडिशन के फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला बना दिया। वह कुल मिलाकर वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली चौथी भारतीय महिला पहलवान हैं।

18 साल की काजल और 26 साल की नीलम दोनों बुधवार को अपने-अपने गोल्ड मेडल मुकाबलों में पीछे रह गईं और उन्हें सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। काजल 76kg के फाइनल में यूक्रेन की अनास्तासिया अल्पेयेवा से हार गईं, जबकि नीलम 50kg के टाइटल मुकाबले में जापान की यूई सुसाकी से हार गईं। उनके सिल्वर मेडल भारत के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुए, क्योंकि देश में पहली बार एक ही एडिशन में वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में दो महिलाएं हिस्सा ले रही थीं।

29 साल की मनीषा पूरे दिन छाई रहीं और उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल बाउट में अपनी जगह पक्की कर ली। क्वार्टर फाइनल में मनीषा ने मंगोलिया की बोलोरतुया खुरेलखु को 6-0 से हराया। इससे पहले उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में कनाडा की लॉरेंस ब्यूरेगार्ड को 6-2 से हराकर शागायेवा के खिलाफ मुकाबला तय किया था। हालांकि, सेमीफाइनल में उनका दिन का सबसे जबरदस्त प्रदर्शन था। घरेलू दर्शकों के सामने खेलते हुए, शागायेवा भारतीय खिलाड़ी को रोक नहीं पाईं, जिन्होंने फॉल से जीत हासिल करके फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

मनीषा के लिए यह मौका एक ऐसे सीजन के बाद आया है, जिसमें उन्हें वेट कैटेगरी में भी बदलाव करना पड़ा। उन्होंने 2026 एशियन गेम्स में महिलाओं के 57kg इवेंट में हिस्सा लिया, जो कॉन्टिनेंटल शोपीस में उनका डेब्यू था। उनका कैंपेन क्वार्टर-फाइनल में जापान की अकारी फुजिनामी, जो पेरिस ओलंपिक्स की गोल्ड मेडलिस्ट हैं के खिलाफ खत्म हुआ और उन्हें रेपेचेज का मौका नहीं मिला। पिछले साल, उन्होंने अम्मान में एशियन चैंपियनशिप में महिलाओं की 62 kg कैटेगरी में गोल्ड जीता था।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

और पढ़ें
End of Article