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Junior Hockey World Cup 2025 Semi Final: भारत का टूटा खिताबी जीत का सपना, सेमीफाइनल में मिली जर्मनी के खिलाफ करारी हार

दो बार की चैंपियन भारत का जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में तीसरी खिताबी जीत का सपना रविवार को जर्मनी के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में करारी हार के साथ टूट गया। अब टीम इंडिया अर्जेंटीना से कांस्य पदक के लिए भिड़ेगी।

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भारत बनाम जर्मनी, जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025 सेमीफाइनल (Hockey India X)

चेन्नई: मेजबान भारत की जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025 में खिताबी जीत का सपना रविवार को जर्मनी के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में करारी हार के साथ ही टूट गया। भारतीय टीम को सेमीफाइनल मुकाबले में जर्मनी के खिलाफ 1-5 के अंतर से करारी हार का सामना करना पड़ा। मुकाबला पूरी तरह एकतरफा रहा। भारतीय टीम मैच में केवल एक बार विरोधी टीम के गोल को भेदने में सफल रही जबकि सात बार की चैंपियन जर्मनी ने भारतीय गोल पोस्ट पर गोलों की बौछार करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया। लचर डिफेंस और पहले ही हाफ में तीन गोल गंवाने का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा। अब भारतीय टीम 10 दिसंबर को कांस्य पदक के मुकाबले में अर्जेंटीना से खेलेगी जिसे स्पेन ने दूसरे सेमीफाइनल में 2-1 से हराया।

भारत के लिए अनमोल इक्का ने किया एकमात्र गोल

जर्मनी के लिये लुकास कोसेल (14 वां और 30वें मिनट) ने दो, वेक्स टाइटस (15वें मिनट), जोनास वोन गरसम (40वें मिनट) और बेन हासबाश (49वें मिनट) ने गोल दागे जबकि भारत के लिये एकमात्र गोल अनमोल इक्का ने मैच के 51वें मिनट में किया। दो बार की चैम्पियन भारतीय टीम और जर्मनी के प्रदर्शन में जमीन आसमान का अंतर था जो मैच के हर क्षण में नजर आया । मेयर राधाकृष्णन स्टेडियम पर भारी तादाद में भारत की हौसलाअफजाई करने आये दर्शकों को इस प्रदर्शन से भारी निराशा हाथ लगी ।

पहले क्वार्टर में दो गोल से पिछड़ गई थी टीम इंडिया

बेल्जियम को कड़े क्वार्टर फाइनल में शूट आउट में हराने वाली भारतीय टीम पर पहले ही क्वार्टर में ही जर्मनी ने दो गोल करके दबाव बना दिया। अपनी सटीक पासिंग के दम पर जर्मन टीम ने पहले तीन मिनट में ही जस्टस वारवेग की अगुवाई में भारतीय गोल पर तीन बार हमले बोले। जर्मनी को 14वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे बाद में पेनल्टी स्ट्रोक में तब्दील किया गया जिस पर लुकास ने आसान गोल दागा । पहला क्वार्टर खत्म होने में सात सेकंड बाकी थे तब भारतीय डिफेंडरों की सुस्ती का फायदा उठाकर कोच जोहानेस श्मित्ज की जर्मन टीम में बढत दुगुनी कर ली। गेंद जर्मन हाफ में ही थी जब एन किरिन ने सर्कल के बाहर दाहिनी ओर सटीक पास दिया और बीच में खड़े भारतीय डिफेंडरों को छकाते हुए वारवेग ने गेंद टाइटस को बायें फ्लैंक पर दी । डिफेंडर और गोलकीपर कुछ समझ पातें इससे पहले टाइटस ने गोल दाग दिया।

जर्मनी के खिलाफ नहीं टिक पाई भारतीय टीम

दूसरे क्वार्टर में भी गेंद पर नियंत्रण के मामले में जर्मनी के सामने भारतीय टीम कहीं नहीं टिक सकी। ब्रेक से सात सेकंड पहले जर्मन टीम ने एक बार फिर भारत के कमजोर डिफेंस का फायदा उठाकर पेनल्टी कॉर्नर बनाया और लुकास ने गोल करने में कोई चूक नहीं की। हाफटाइम तक जर्मनी के पास तीन गोल की दमदार बढत हो गई थी। दूसरे हाफ के शुरूआती तीन मिनट में ही जर्मनी ने दो बार भारतीय सर्कल में प्रवेश किया हालांकि इस बार प्रिंसदीप ने शानदार बचाव किया। भारत को अगले मिनट में गोल करने का सुनहरा मौका मिला लेकिन पहले रोशन कुजूर का सीधा शॉट जर्मन गोलकीपर ने बचाया और गेंद वापिस आने पर सामने खड़े सौरभ आनंद कुशवाहा उसे स्टिक पर ले ही नहीं सके। जर्मनी को 34वें मिनट में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन कोसेल के शॉट पर गेंद को अंकित पाल ने बाहर निकाला।

तीसरे क्वार्टर में भारत ने गंवाया आसान गोल का मौका

भारत ने एक आसान गोल 40वें मिनट में गंवाया जब सर्कल पर से एलेक वोन श्वेरिन ने शॉट लगाया और गोल के ठीक सामने खड़े गरसम ने स्टिक लगाकर गेंद को भीतर डाला। चौथा गोल करने के बाद भी जर्मन टीम की रफ्तार में कहीं कमी नहीं आई और भारतीय गोल पर हमले लगातार जारी रहे। इसके बाद हासबाक ने सर्कल पर वारवेग से हवा में गेंद मिलने के बाद अकेले गेंद को भीतर लेकर जाते हुए पहले गोलकीपर को छकाया और फिर अनमोल को चमका देकर आसान गोल दाग दिया। भारत को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर 50वें मिनट में मिला जिस पर भारतीय कप्तान रोहित का शॉट जर्मन डिफेंडर के पैर पर लगा । नतीजतन भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर रोहित के बैक पास पर अनमोल ने भारत के लिये गोल किया।

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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