भारतीय फुटबॉल टीम ने इंटरकॉन्टिनेंटल कप खिताब जीतने के लिए ओडिशा सरकार द्वारा मिले नकद पुरस्कार का एक हिस्सा राज्य में हाल में हुई बालासोर ट्रेन दुर्घटना से प्रभावित परिवारों के ‘राहत और पुनर्वास’ के लिए देने का फैसला किया। भारत ने कप्तान सुनील छेत्री के 87वें अंतरराष्ट्रीय गोल के अलावा लालियानजुआला छांगटे के गोल की मदद से रविवार रात कलिंग स्टेडियम में फाइनल में लेबनान को 2-0 से हराकर इंटरकॉन्टिनेंटल कप जीता। वर्ल्ड रैंकिंग में 101वें नंबर पर काबिज भारतीय टीम ने दूसरी बार इस खिताब पर कब्जा जमाया है। पहली बार साल 2018 में टीम ने कीनिया को हराकर यह खिताब जीता था।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने यहां इंटरकॉन्टिनेंटल कप खिताब जीतने के लिए भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम को एक करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की जिसमें से कोच इगोर स्टिमक के खिलाड़ियों ने ‘मिलकर’ 20 लाख रुपये दान देने का फैसला किया।
भारतीय फुटबॉल टीम ने ट्वीट किया, ‘हम ओडिशा सरकार के शुक्रगुजार हैं जिन्होंने हमारी जीत के लिए टीम को नकद पुरस्कार की घोषणा की। ड्रेसिंग रूम ने तुरंत मिलकर एक फैसला किया कि हम इसमें से 20 लाख रुपये इस महीने के शुरु में हुई ट्रेन दुर्घटना से प्रभाावित परिवारों के राहत और पुनर्वास के काम के लिए दान देंगे।’ बालासोर ट्रेन दुर्घटना में करीब 280 लोगों की मौत हो गयी थी जबकि 1000 के करीब लोग घायल हो गये थे। भारतीय फुटबॉल टीम द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनीय है और बाकी खिलाड़ियों को भी इस ओर ध्यान देने की जरुरत है।
