स्पोर्ट्स

Jamshedpur FC ISL Exit: AIFF अध्यक्ष ने टाटा ग्रुप से की ISL से हटने के फैसले पर पुनर्विचार की अपील

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने टाटा समूह से इंडियन सुपर लीग से जमशेदपुर एफसी को हटाने के 'चौंकाने वाले' फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है।

Image

कल्याण चौबे

नई दिल्ली: अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने टाटा समूह से इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) से जमशेदपुर एफसी को हटाने के 'चौंकाने वाले' फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। टाटा समूह पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि जमशेदपुर एफसी को आईएसएल से हटाने का फैसला लंबे समय से बनाई गई रणनीति का हिस्सा है। कंपनी का कहना है कि वह अब अपने मूल उद्देश्य, यानी जमीनी स्तर पर फुटबॉल के विकास पर फिर से पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहती है।

टाटा ग्रुप ने कहा, फैसले का ISL की अनिश्चित्ता से नहीं है संबंध

टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (कॉरपोरेट सेवा) डी बी सुंदर रामम ने भी कहा है कि इस फैसले का आईएसएल के व्यावसायिक भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता से कोई संबंध नहीं है और इस पर दोबारा विचार नहीं किया जाएगा। चौबे ने हालांकि उम्मीद जताई कि टाटा समूह अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। चौबे ने पीटीआई को दिये साक्षात्कार में कहा,'एआईएफएफ चाहता है कि टाटा फुटबॉल से जुड़ा रहे, खासकर शीर्ष स्तर की सीनियर फुटबॉल में उनकी मौजूदगी बनी रही। एआईएफएफ की अपील से अगर उनके फैसले में बदलाव आ सकता है तो खिलाड़ियों और भारतीय फुटबॉल के हित में हम उनसे अनुरोध करते हैं कि वे शीर्ष लीग में बने रहें।एआईएफएफ उनके हर सुझाव का स्वागत करेगा और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए उन्हें लागू करने के लिए तैयार है।'

खिलाड़ियों को नए क्लब तलाशने में मदद करेगा टाटा ग्रुप

टाटा स्टील ने भरोसा दिलाया है कि जमशेदपुर एफसी अपने सभी खिलाड़ियों के मौजूदा अनुबंधों का सम्मान करेगा और उन्हें नए क्लब तलाशने में भी मदद करेगा। एआईएफएफ अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें टाटा समूह पर पूरा भरोसा है और उनका मानना है कि यह फैसला केवल व्यावसायिक कारणों से नहीं लिया गया होगा। उन्होंने कहा,'मुझे लगता है कि यह निदेशक मंडल किसी और मुद्दे के कारण यह निर्णय लिया है। इसके पीछे जरूर कोई ठोस वजह रही होगी। यह 1.1 करोड़ रुपये की भागीदारी या प्रबंधन शुल्क का मामला नहीं हो सकता। जब बोर्ड ने शीर्ष लीग से सीनियर टीम हटाने का फैसला लिया होगा तो उसके पीछे कोई मजबूत कारण जरूर रहा होगा। टाटा समूह फुटबॉल प्रेमियों की भावनाओं से वाकिफ है, लेकिन मेरा मानना है कि यह केवल आर्थिक फैसला नहीं हो सकता क्योंकि टाटा समूह के कई बड़े उद्योग और कारोबार हैं।'

टाटा ग्रुप ने किया है भारतीय फुटबॉल के लिए बड़ा योगदान

चौबे ने कहा कि भारतीय खेलों में टाटा समूह के योगदान के कारण उनके मन में काफी सम्मान है। टाटा फुटबॉल अकादमी 1987 से संचालित है और उन्होंने भी यहां अभ्यास किया है। उन्होंने कहा,'मैंने फुटबॉल की बारीकियां टाटा फुटबॉल अकादमी से ही सीखीं। 1987 से अब तक करीब 275 से अधिक खिलाड़ी यहां से निकल चुके हैं। मैं भी उनमें से एक हूं और शायद रेनेडी सिंह तथा मैंने इस अकादमी में सबसे लंबा समय बिताया है।'

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article