भोपाल, (भाषा)। भारत की मेंस और महिला अंडर-18 हॉकी टीम एशिया कप की तैयारियों के सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 15 से 20 मई तक यहां चार मैचों की सीरीज खेलेंगी। यह सीरीज इस महीने के आखिर में जापान के काकामिगाहारा में शुरू होने वाले अंडर-18 एशिया कप की तैयारी को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण है। इन दोनों टीम के लिए यहां भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के केंद्र में 19 अप्रैल से अभ्यास शिविर भी लगाया गया था।
मेंस टीम के कोच सरदार सिंह ने कहा, इस शिविर के दौरान मुख्य ध्यान सभी विभागों में खिलाड़ियों के बुनियादी कौशल और क्षमता को मजबूत करने पर रहा है, ताकि वे आधुनिक हॉकी की जरूरतों के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें। ऑस्ट्रेलिया की अंडर-18 टीम के खिलाफ मैच हमारी तैयारी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
विमेंस टीम की कोच रानी रामपाल ने कहा, ऑस्ट्रेलिया की अंडर-18 टीम के खिलाफ मैच खिलाड़ियों के लिए उच्च स्तर पर खेलने और अंडर-18 एशिया कप की तैयारी करने का शानदार मौका होगा। यह प्रत्येक खिलाड़ी के लिए अपनी क्षमता और अपने अनुभव का प्रदर्शन करने का अवसर है।
पाकिस्तान हॉकी टीम के कोच का बड़ा खुलासा
पाकिस्तान की हॉकी टीम के नवनियुक्त मुख्य कोच मंजूर उल हसन का मानना है कि उनके देश ने 2019 में पहले एफआईएच प्रो लीग में भाग न लेकर गलती की, क्योंकि इससे खिलाड़ी शीर्ष प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ बहुमूल्य अनुभव हासिल करने से वंचित हो गए। पाकिस्तान को एफआईएच प्रो लीग के पहले सत्र से बाहर कर दिया गया था, क्योंकि उसने अपने पहले तीन मैच छोड़ दिए थे। इसके कारण उसे प्रो लीग की शीर्ष श्रेणी में जगह बनाने के लिए कम रैंकिंग वाली टीमों के साथ द्वितीय श्रेणी के नेशंस कप में खेलना पड़ा।
पूर्व ओलंपियन ने मंगलवार को कहा, 2019 में जब एफआईएच प्रो लीग शुरू हुई थी तब उसमें न खेलना गलती थी। इससे हमारे खिलाड़ियों ने शीर्ष टीमों के खिलाफ खुद को परखने का बहुमूल्य मौका गंवा दिया। हसन ने कहा, अगर आप अन्य टीमों को देखें तो वे 2019 से प्रो लीग में खेल रही हैं। हम उसमें हिस्सा नहीं ले पाए और हमारे खिलाड़ियों को निम्न रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। पाकिस्तान को प्रो लीग के अगले चरण में बेल्जियम, स्पेन, भारत और इंग्लैंड सहित शीर्ष टीमों का सामना करना है। उसकी टीम अभी यहां अभ्यास शिविर में भाग ले रही है।
