Commonwealth Games 2030: ग्लासगो में हुई कॉमनवेल्थ स्पोर्ट जनरल असेंबली में अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी आधिकारिक रूप से मिल गई, जो कॉमनवेल्थ गेम्स के 100 साल पूरे होने का ऐतिहासिक मौका होगा। “New Age Games for a New Century” थीम पर आधारित भारत की बोली को इसकी आधुनिक, समावेशी और टिकाऊ तैयारी के कारण सबसे अधिक सराहा गया।
सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव को मुख्य केंद्र बनाकर एथलीट-फर्स्ट सुविधाएं, पैरास्पोर्ट्स, रिन्यूएबल एनर्जी से चलने वाले स्टेडियम और कम प्रदूषण वाले ट्रांसपोर्ट सिस्टम के साथ गेम्स आयोजित होंगे।यह आयोजन विक्सित भारत 2047 और विक्सित गुजरात के विज़न को आगे बढ़ाते हुए नौकरियों, पर्यटन, शहरी विकास और खेल संस्कृति को गति देगा। भारत सरकार, गुजरात सरकार और CGA इंडिया मिलकर इन गेम्स को अंजाम देंगे, और देश इसे गर्व, प्रगति और वैश्विक पहचान के बड़े अवसर के रूप में देख रहा है।
संस्कृति का धमाकेदार जश्न
जैसे ही अहमदाबाद का नाम घोषित हुआ, 20 गरबा डांसर्स और 30 ढोल वादकों ने ज़बरदस्त सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर सभी को हैरान कर दिया।यह परफॉर्मेंस गुजरात की रंगीन, जीवंत और अनोखी संस्कृति की झलक थी वही माहौल जो 2030 में एथलीट्स और फैन्स को देखने मिलेगा।भारत में आख़िरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स 15 साल पहले वर्ष 2010 में दिल्ली में हुए थे, और अब 2030 में दोबारा इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय इवेंट की मेज़बानी मिलना भारत के खेल इतिहास में एक बड़ा माइलस्टोन माना जा रहा है।
भारत के लिए सुनहरा खेल भविष्य
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा कि “यह कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के नए स्वर्ण युग की शुरुआत है। 2026 ग्लास्गो के बाद हम गर्व से 2030 के भारत गेम्स की ओर बढ़ रहे हैं।भारतीय ओलंपियन और कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की अध्यक्ष डॉ. पी.टी. ऊषा ने कहा:
“यह सम्मान सिर्फ 100 साल के जश्न का नहीं, बल्कि आने वाले सौ साल की नींव है। यह खेल, संस्कृति और दोस्ती को एक मंच पर लाएगा।
कौन-कौन से खेल होंगे शामिल ?
अहमदाबाद 2030 में कुल 15–17 खेल शामिल होंगे। इसमें निम्नलिखित खेल आवश्यक रुप से होने वाले हैं :-- एथलेटिक्स व पैरा एथलेटिक्स
- स्विमिंग व पैरा स्विमिंग
- टेबल टेनिस व पैरा टेबल टेनिस
- बाउल्स व पैरा बाउल्स
- वेटलिफ्टिंग व पैरा पावरलिफ्टिंग
- आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स
- नेटबॉल
- बॉक्सिंग
खिलाड़ियों की खुशी दोगुनी
भारतीय विश्व चैम्पियन बॉक्सर जैस्मिन लाम्बोरिया ने कहा:अपने देश में 2030 गेम्स खेलना हर एथलीट के लिए सपने जैसा मौका है। भारत खिलाड़ियों और दर्शकों का दिल से स्वागत करेगा।
100वें संस्करण को खास बनाने की तैयारी
पहला कॉमनवेल्थ गेम्स 1930 में कनाडा में हुआ था।अब 2030 का सौवां (100वां) संस्करण भारत में होगा और इसे यादगार बनाने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।2030 में अहमदाबाद सिर्फ खेलों की मेज़बानी नहीं करेगा बल्कि दुनिया को भारत की ऊर्जा, संस्कृति, एकता और मेहमाननवाजी का शानदार अनुभव देगा।भारत के लिए यह सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं,बल्कि गर्व और नई खेल क्रांति की शुरुआत है।ओलंपिक के लिए मिलेगा बूस्ट
यह फैसला भारत की 2036 ओलंपिक बोली को भी बड़ा बल देगा, क्योंकि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी से देश एक बार फिर दुनिया को अपने खेल इंफ्रास्ट्रक्चर, मैनेजमेंट और आयोजन क्षमता का मजबूत प्रदर्शन करेगा। भारत में आख़िरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स 15 साल पहले वर्ष 2010 में दिल्ली में हुए थे, और अब 2030 में दोबारा इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय इवेंट की मेज़बानी मिलना भारत के खेल इतिहास में एक बड़ा माइलस्टोन माना जा रहा है।
