इससे पहले कि भारतीय पुरूष और महिला हॉकी टीमें आगामी हॉकी विश्व कप 2026 (Hockey World Cup 2026) में अपने-अपने अभियान का आगाज करतीं, देश में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। विवाद टीम की नई जर्सी के नारंगी रंग को लेकर है, जिस पर पूर्व हॉकी कप्तान विरेन रास्किन्हा सहित प्रियंका गांधी वाढरा और कई राजनेताओं ने भी अपना विरोध जताया है। अब भारतीय हॉकी का संचालन करने वाली हॉकी इंडिया (Hockey India) के अध्यक्ष व पूर्व भारतीय खिलाड़ी दिलीप टिर्की (Dilip Tirkey) का इस मामले में बयान आया है। टिर्की ने विवाद को लेकर अपनी सफाई पेश की है।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने हॉकी टीमों की नई नारंगी जर्सी पर उठ रहे विवाद को लेकर कहा, "पुरुषों और महिलाओं का वर्ल्ड कप 15 अगस्त से नीदरलैंड और बेल्जियम में शुरू होने वाला है। इससे पहले, टीम इंडिया की जर्सी लॉन्च की गई, जिसमें ऑरेंज रंग का इस्तेमाल किया गया है। मैं टीम इंडिया की नीली जर्सी वाली पुरानी परंपरा को मानता हूं। हमने उस रंग में कई टूर्नामेंट खेले हैं, जिनमें बड़े टूर्नामेंट भी शामिल हैं। मैंने भी नीली जर्सी पहनकर खेला है। हालांकि, यह बदलाव कोई नई बात नहीं है। अगर मुझे सही से याद है, तो टीम ने 2014 में पीली जर्सी पहनी थी और 2018 में हल्के नीले रंग की जर्सी अपनाई थी।"
टिर्की का तर्क, बताई जर्सी का रंग बदलने की वजह
जर्सी के रंग को बदलने के पीछे का कारण बताते हुए दिलीप टिर्की ने कहा, "इस बार, कोच, सपोर्ट स्टाफ़, कप्तान और खुद खिलाड़ियों की तरफ से सुझाव आए थे। उन्होंने देखा कि चूंकि हॉकी टर्फ नीला होता है और खिलाड़ियों की किट भी नीली होती थी, इसलिए मैचों के दौरान उन्हें साफ तौर पर देख पाना थोड़ा मुश्किल होता था। उन्हें लगा कि इस समस्या पर ध्यान देने की जरूरत है। नतीजतन, उन्होंने दो रंगों के विकल्प सुझाए, पीला और ऑरेंज। आखिरकार ऑरेंज रंग को चुना गया क्योंकि यह हमारे राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंगों में से एक है। वर्ल्ड कप के बाद, अगर टीम या खिलाड़ियों को ऑरेंज रंग पसंद नहीं आता है (भले ही यह चुनाव उनके अपने सुझावों के आधार पर किया गया था) तो हम भविष्य में इसे जरूर बदल सकते हैं।"
पूर्व कप्तान विरेन रास्किन्हा और सांसद प्रियंका गांधी ने भी विरोध किया
पूर्व हॉकी कप्तान विरेन रास्किन्हा ने लिखा, "मुझे कहना होगा कि हॉकी इंडिया ने (हॉकी के लिए) कई अच्छे काम किए हैं। लेकिन ये शर्मनाक है। भारतीय टीम की विरासत और पहचान हमेशा से नीला रंग रही है। मैंने कई सालों तक गर्व के साथ नीली जर्सी पहनी है। फैंस हमारी भारतीय टीम को नीले रंग में देखना चाहते हैं। नारंगी रंग का क्या लॉजिक है?"
वहीं, क्रांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाढरा ने कहा, "चाहे वे यूनिफॉर्म बदलें या शिक्षा नीति के जरिए इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश करें, वे कुछ भी करें... आपने देखा है कि हमारे देश के युवा इस बारे में क्या सोचते हैं। आपने सुना कि जंतर-मंतर पर जमा युवा क्या कह रहे थे। यह देश की आवाज है।"
