East Bengal ISL Winner: ईस्ट बंगाल एफसी ने 22 साल का खिताबी सूखा खत्म करते हुए पहली बार इंडियन सुपर लीग का खिताब अपने नाम कर लिया। किशोर भारती स्टेडियम में खेले गए निर्णायक मुकाबले में ईस्ट बंगाल ने इंटर काशी को 2-1 से हराकर देश की टॉप-टियर लीग में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया। खिताब की दौड़ आखिरी दौर तक बेहद रोमांचक रही। ईस्ट बंगाल के अलावा मोहन बागान सुपर जायंट, मुंबई सिटी एफसी, पंजाब सिटी और बेंगलुरु एफसी भी रेस में थे। हालांकि, ईस्ट बंगाल ने दबाव में शानदार खेल दिखाया। मैच की शुरुआत में इंटर काशी ने 15वें मिनट में अल्फ्रेड के गोल से बढ़त बना ली थी।
दूसरे हाफ में दिखाया जबरदस्त खेल
पहले हाफ में ईस्ट बंगाल ने बराबरी के कई मौके गंवाए, लेकिन दूसरे हाफ में टीम ने जोरदार वापसी की। 50वें मिनट में स्ट्राइकर यूसुफ एजेजारी ने गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया। एजेजारी इस सीजन गोल्डन बूट विनर भी बने। उन्होंने 13 मैचों में 11 गोल करके लीग के सबसे सफल स्कोरर का तमगा हासिल किया। इसके बाद 73वें मिनट में मोहम्मद राशिद ने दूसरा गोल करके ईस्ट बंगाल को 2-1 से आगे कर दिया। यही गोल निर्णायक साबित हुआ और लाल-पीली ब्रिगेड ने खिताब पर कब्जा जमा लिया।दूसरी ओर, युवा भारती क्रीड़ांगन में मोहन बागान ने स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली को 2-1 से हराया, जबकि मुंबई एफसी ने पंजाब एफसी को 2-0 से मात दी। ओडिशा एफसी और जमशेदपुर एफसी का मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। लेकिन इन नतीजों का असर ईस्ट बंगाल की जीत पर नहीं पड़ा।
पहली बार चैंपियन बन रचा इतिहास
ईस्ट बंगाल ने आखिरी बार 2003-04 सत्र में राष्ट्रीय फुटबॉल लीग का खिताब स्वर्गीय सुभाष भौमिक की कोचिंग में जीता था। उसके बाद से क्लब के लाखों फैंस ट्रॉफी का इंतजार कर रहे थे। ISL युग में यह क्लब का पहला खिताब है। कोलकाता के इस सबसे पुराने और सबसे सफल क्लबों में से एक के लिए यह जीत भावुक पल लेकर आई। मैदान से लेकर सड़कों तक ‘जॉय ईस्ट बंगाल’ के नारे गूंजे। इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने न सिर्फ 22 साल का इंतजार खत्म किया, बल्कि ISL में पहली बार चैंपियन बनकर भारतीय फुटबॉल में नया इतिहास रच दिया।
