Shreyas Iyer Catch: सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के अंतिम और तीसरे मुकाबले में भारतीय टीम को सम्मान बचाने के लिए जीत की दरकार है। इस 'प्रतिष्ठा की लड़ाई' में टीम इंडिया के उप-कप्तान श्रेयस अय्यर ने एक ऐसा हैरतअंगेज़ कैच लपका, जिसने न सिर्फ टीम को एक अहम विकेट दिलाया, बल्कि उसी पल उन्हें गंभीर चोट भी लगी, जिसके चलते उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा।
एलेक्स कैरी का अद्भुत कैच और अय्यर का दर्द
यह घटना ऑस्ट्रेलियाई पारी के 33वें ओवर में हुई, जब युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा गेंदबाजी कर रहे थे। हर्षित की ऑफ स्टंप के बाहर फेंकी गई एक छोटी गेंद पर एलेक्स कैरी ने कट शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी किनारे को छूकर डीप थर्ड की ओर हवा में ऊंची चली गई। श्रेयस अय्यर ने बैकवर्ड पॉइंट से पीछे की ओर चीते की रफ्तार से दौड़ लगाई, गेंद पर अपनी नज़रें जमाए रखीं और एक लंबी डाइव लगाते हुए हवा में ही अद्भुत 'टम्बलिंग' कैच पूरा किया।
कैच के बाद चोटिल
कैच लेने का यह शानदार पल देखते ही देखते चिंता में बदल गया, क्योंकि कैच पूरा करने के बाद श्रेयस अय्यर दर्द से कराहते हुए ज़मीन पर लेट गए। वह अपनी पसलियों को पकड़े हुए थे, जिससे संकेत मिला कि कैच लेने के दौरान अजीब तरीके से गिरने के कारण उन्हें चोट लगी है। टीम के साथी खिलाड़ी तुरंत उनकी ओर दौड़े। फिजियो ने मैदान पर ही उनकी जांच की, लेकिन वह फील्डिंग करने की स्थिति में नहीं थे और अंततः उन्हें फिजियो के सहारे ड्रेसिंग रूम लौटना पड़ा। इस चोट ने भारतीय खेमे की चिंता बढ़ा दी है, और यह सवाल उठ रहा है कि क्या वह बल्लेबाजी करने के लिए उपलब्ध हो पाएंगे। उनकी जगह ध्रुव जुरेल सब्स्टीट्यूट फील्डर के तौर पर मैदान पर आए हैं।
भारतीय गेंदबाजों की शानदार वापसी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को एक बड़े स्कोर पर पहुंचने से रोकने के लिए भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में शानदार वापसी की है। युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा और ऑफ-स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की रन गति पर ब्रेक लगाया और दोनों ही गेंदबाजों ने अब तक दो-दो विकेट अपने नाम किए हैं।
हर्षित राणा ने एलेक्स कैरी (जिनका कैच श्रेयस अय्यर ने लिया) और मिचेल ओवेन के महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने सेट हो चुके मैट रेनशॉ (56 रन) और मैथ्यू शॉर्ट को पवेलियन भेजा। इसके बाद भी विकटों की झड़ी नहीं रुकी और भारत ने केवल 236 के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया को ऑलआउट कर दिया है।
क्लीन स्वीप टालने के लिए उतरी टीम इंडिया
पर्थ और एडिलेड में लगातार दो हार के बाद भारतीय टीम पहले ही सीरीज़ गंवा चुकी है। ऐसे में सिडनी में यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए सिर्फ 'गर्व और प्रतिष्ठा' का रह गया है। मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल ने इस मैच में दो बदलाव किए हैं। चोटिल नीतीश कुमार रेड्डी (जिन्हें बाएं क्वाड्रिसेप्स में चोट लगी है) की जगह कुलदीप यादव को अंततः इस वनडे सीरीज़ में मौका मिला, जबकि तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को भी प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है। ऑस्ट्रेलिया ने भी नाथन एलिस को टीम में जगह दी है। कप्तान शुभमन गिल निश्चित रूप से अपने पहले वनडे कप्तानी के अनुभव को क्लीन स्वीप की हार के साथ समाप्त नहीं करना चाहेंगे।
