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Virat Kohli बोले नहीं सोचा था कि ऐसा हो जाएगा, जानिए किस बारे में क्या-क्या कहा

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  • Updated Nov 1, 2023, 01:04 AM IST

Virat Kohli on his milestones and Records: टीम इंडिया के धाकड़ बल्लेबाज विराट कोहली ने अपने एक बयान में सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड्स से उनकी हो रही तुलना पर बात करते हुए कहा कि उन्होंने नहीं सोचा था कि ऐसा भी कुछ हो जाएगा। इसके अलावा भी कोहली ने काफी कुछ कहा। आइए जानते हैं।

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विराट कोहली (AP)

KEY HIGHLIGHTS
  • विराट कोहली ने दिल खोलकर अपनी बात रखी
  • सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड्स से तुलना पर काफी कुछ कहा
  • कोहली बोले- सोचा ना था कि ऐसा कुछ हो जाएगा

Virat Kohli vs Sachin Tendulkar: सचिन तेंदुलकर के एकदिवसीय शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी करने की दहलीज पर खड़े भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने मंगलवार को कहा कि जब उन्होंने अपना करियर शुरू किया था तो उन्होंने इतने रन और शतक बनाने के बारे में कभी नहीं सोचा था।

कोहली मौजूदा एकदिवसीय विश्व कप में अच्छी फॉर्म में हैं और छह मैच में एक शतक और तीन अर्धशतक जड़ चुके हैं। उन्होंने 19 अक्टूबर को पुणे में बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 103 रन की पारी खेलकर अपना 48वां वनडे शतक लगाया और अब तेंदुलकर के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने से सिर्फ एक शतक दूर हैं।

कोहली ने ‘स्टार स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘‘अगर हम क्रिकेट के बारे में बात करें तो मैंने कभी भी इतना सब कुछ हासिल करने के बारे में नहीं सोचा था, जैसे कि मेरा करियर कहां है और भगवान ने ऐसे करियर तथा प्रदर्शन का आशीर्वाद दिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हमेशा सपना देखा था कि मैं ऐसा करूंगा लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि चीजें इस तरह से आगे बढ़ेंगी। कोई भी इन चीजों की योजना नहीं बना सकता है कि आपका सफर कैसा रहेगा और आपके सामने चीजें कैसे होंगी।’’

कोहली ने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा कि इन 12 साल में मैं इतने शतक और इतने रन बनाऊंगा।’’ कोहली ने कहा कि उन्हें ‘अनुशासन और जीवनशैली’ बदलनी पड़ी क्योंकि उन्होंने अपने करियर में एक समय पाया कि वह पेशेवरपन के मामले में पिछड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा एकमात्र ध्यान इस बात पर था कि मैं टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करूं और मुश्किल परिस्थितियों में टीम को मैच जिताऊं। इसके लिए मैंने अनुशासन और जीवनशैली के संबंध में काफी बदलाव किए।’’

भारत के लिए 2008 में पदार्पण करने वाले कोहली ने कहा, ‘‘मेरे पास हमेशा प्रेरणा थी लेकिन पेशेवरपन की कमी थी। अब मेरा पूरा ध्यान इस बात पर है कि मैं खेल को कैसे खेलना चाहता हूं और उसके बाद, मैंने जो परिणाम हासिल किए हैं, वे उसी तरह से खेलने से मिले हैं।’’

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