हर खिलाड़ी की लाईफ में एक टर्निंग प्वाइंट होता है, जिसके बाद उसका करियर पूरी तरह से बदल जाता है। पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली ने एक ऐसे ही दौरे के बारे में खुलासा किया है, जिसने उनका करियर पूरी तरह से बदल दिया और उन्हें टेस्ट में क्रिकेट में बेहतर करने का विश्वास दिया। टीम इंडिया का यह दौरा ऑस्ट्रेलिया का था, जो 2011-12 के दौरान हुआ था।
हालांकि, भारत इस दौरे को भूलना चाहेगा, क्योंकि इस दौरे पर उसे 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन विराट कोहली इस दौरे को कभी नहीं भूल पाए और यह उनके लिए गेम चेंजिंग मोमेंट बन गया।
विराट ने किया गेम चेंजिंग मोमेंट का खुलासा
विराट कोहली ने आरसीबी के पॉडकास्ट पर बोलते हुए इस दौरे का जिक्र किया। उन्होंने कहा 'हम ऑस्ट्रेलिया में थे। तीसरा टेस्ट मैच था, जो पर्थ में हो रहा था। पिच पर घास थी और पेस और बाउंस भी काफी अधिक थी। मैं जानता था कि यदि मैं प्रदर्शन नहीं करूंगा तो चौथे टेस्ट में मौका नहीं मिलेगा। उसके बाद मुझे घरेलू क्रिकेट में अपने खेलने का तरीका बदलना होगा। उस वक्त कोहली टीम में सबसे युवा खिलाड़ी थे और उन पर अच्छा करने का दबाव भी था।
उन्होंने आगे कहा 'जब आप ऑस्ट्रेलिया के पहले दौर पर होते हैं तो बतौर युवा आप पर दबाव होता है। इस स्थिति में, मैं कोई चांस नहीं लेना चाहता था। वैसी परिस्थिति में, मैंने कुछ अलग करने की सोची। मैंने पहली इनिंग में 48 और दूसरी इनिंग में 75 रन बनाए। मैं उस मैच में भारत की तरफ से सर्वाधिक रन बनाने वाला बल्लेबाज था। इस चीज ने मुझे काफी विश्वास दिया।' हालांकि टीम इंडिया ने यह मैच पारी और 37 रन से गंवा दिया था। बात सीरीज की करें तो ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ 4-0 से क्लीन स्वीप किया था।
