क्रिकेट

'RO-KO को संन्यास कब लेना है, इसका उन्होंने हक कमाया है'... रोहित-विराट के संन्यास पर वेंकटेश प्रसाद का बड़ा बयान

Venkatesh Prasad on Retirement Time Of Rohit-Virat: टीम इंडिया के दो महान बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा अब सिर्फ वनडे फॉर्मेट खेलते हैं और फिलहाल अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने के लिए उत्सुक हैं व तैयारी में जुटे हैं। इसी बीच उनके संन्यास को लेकर अटकलें भी जारी रही हैं। पूर्व भारतीय गेंदबाज व कोच वेंकटेश प्रसाद ने इस मुद्दे पर खरी बात कही है।

Image

रोहित-विराट कब संन्यास लें, इस पर वेंकटेश प्रसाद का बड़ा बयान (ICC/PTI)

भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने रोहित शर्मा और विराट कोहली का समर्थन करते हुए कहा है कि इन अनुभवी खिलाड़ियों को यह तय करने का हक है कि वे कब संन्यास लेना चाहते हैं और उन्हें 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक खेलना जारी रखना चाहिए।

बेंगलुरु में बात करते हुए, प्रसाद ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि इन दोनों दिग्गज खिलाड़ियों को संन्यास लेने के लिए मजबूर किया जाना चाहिए, भले ही उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही हों।

प्रसाद ने ANI से कहा, "100%। मैंने हमेशा यही कहा है। उन्हें यह आज़ादी दी जानी चाहिए। उन्होंने खेल से संन्यास लेने का फ़ैसला खुद करने का हक कमाया है। मुझे नहीं लगता कि किसी को भी उन पर ऐसा फ़ैसला लेने के लिए दबाव डालना चाहिए। लॉर्ड्स में रविवार की पारी, जिसमें वह (रोहित शर्मा) लॉर्ड्स में वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बने, खुद यह दिखाती है कि उनमें अभी भी सब कुछ बाकी है। वर्ल्ड कप के आखिर तक विराट और रोहित दोनों का टीम में होना ज़रूरी है।"

प्रसाद की यह टिप्पणी रोहित द्वारा लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में शानदार शतक लगाकर संन्यास की अटकलों को मजबूती से खारिज करने के एक दिन बाद आई है।

भारत की 2-1 से वनडे सीरीज़ हार के बाद, रोहित ने साफ कर दिया कि उनके भविष्य को लेकर लगाई जा रही अटकलें उन्हें टीम की सफलता में योगदान देने से नहीं रोक पाएंगी।

BCCI द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में रोहित ने कहा था, "मेरा काम बल्ले से खेलना है। आकर खेलना, अपने देश का प्रतिनिधित्व करना, टीम का प्रतिनिधित्व करना। डेब्यू के समय से ही मुझे यही करने के लिए कहा गया है। तो मैं वही करने जा रहा हूं।"

39 वर्षीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने आगे कहा कि बाहरी आलोचना हमेशा से उनके करियर का हिस्सा रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा, "मायने यह रखता है कि मैं मैदान पर क्या करता हूं, टीम की सफलता में योगदान देने की कोशिश करता हूं। अभी मेरा पूरा ध्यान इसी पर है। और शोर-शराबे को होने दें। आप जानते हैं, अगर शोर नहीं होगा, तो मज़ा नहीं आएगा।"

रोहित ने 110 गेंदों पर शानदार 138 रन बनाकर अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया और लॉर्ड्स में वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए। उनकी इस पारी में 17 चौके और पांच छक्के शामिल थे। यह इंग्लैंड में इंग्लैंड के खिलाफ किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे बड़ा वनडे स्कोर भी था; उन्होंने 2018 में ट्रेंट ब्रिज में बनाए गए अपने ही नाबाद 137 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

388 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत अच्छी स्थिति में दिख रहा था। रोहित ने कप्तान शुभमन गिल के साथ 147 रन की ओपनिंग साझेदारी की और फिर विराट कोहली के साथ 113 रन जोड़े। गिल ने 77 रन बनाए, जबकि कोहली ने पिछले वनडे में 65 रन बनाने के बाद इस मैच में 60 गेंदों पर 74 रन बनाए। हालांकि, उनकी दोनों अर्धशतकीय पारियां हारने वाली टीम के लिए थीं, क्योंकि भारत का स्कोर 304/2 से लड़खड़ा गया और टीम लक्ष्य से 27 रन दूर ही ऑलआउट हो गई।

इससे पहले इंग्लैंड ने बेन डकेट के 141, जैकब बेथेल के 91, जो रूट के नाबाद 74 और जोस बटलर के नाबाद 41 रनों की बदौलत 387/3 का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। बाद में सैम करन के चार विकेट लेने के कारनामे ने मेजबान टीम के लिए सीरीज जीत पक्की कर दी।

रोहित और कोहली अब भारत के लिए सिर्फ वनडे फॉर्मेट में ही खेल रहे हैं। उम्मीद है कि यह अनुभवी जोड़ी 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू मैदान पर होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में फिर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करेगी।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

और पढ़ें
End of Article