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एक दिन की भी प्रैक्टिस नहीं छोड़ते वैभव सूर्यवंशी, बोले- लगता है जिंदगी रुक गई हो

Vaibhav Sooryavanshi: सुनील गावस्कर चाहते हैं कि वैभव का बचपना बना रहे। वैभव को जब भी आराम चाहिए होता है, वो कार्टून देखता है। "2-3 साल पहले भी फ्री टाइम में कार्टून देखता था। आज भी कमरे में बैठकर कार्टून देखता हूं तो शांति मिलती है।"

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वैभव सूर्यवंशी (IPL)

Vaibhav Sooryavanshi: बिहार के समस्तीपुर का 15 साल का लड़का वैभव सूर्यवंशी आज क्रिकेट की दुनिया का नया सितारा है। उसने नेट्स में लाखों गेंदें खेली हैं, फिर भी एक दिन भी बिना प्रैक्टिस के नहीं रह सकता। वैभव ने बताया, "अगर मैं एक दिन भी प्रैक्टिस नहीं करूं तो लगता है जिंदगी रुक गई है। एक दिन का ब्रेक ही काफी है।" इस लगन का श्रेय उसके पिता संजीव को जाता है। बचपन में संजीव उसे हफ्ते में 5 दिन समस्तीपुर से पटना ट्रेन से प्रैक्टिस कराने ले जाते थे।

IPL की तैयारी के लिए छोड़ा 10वीं की परीक्षा

वैभव को क्रिकेट का इतना जुनून है कि उसने आईपीएल की तैयारी के लिए 10वीं की बोर्ड परीक्षा ही छोड़ दी। उसने कहा, "आईपीएल पास था और मैं अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलकर आया था। खेल का फॉर्मेट बदला था, तो मुझे कुछ चीजों पर काम करना था।" सुनील गावस्कर चाहते हैं कि वैभव का बचपना बना रहे। वैभव को जब भी आराम चाहिए होता है, वो कार्टून देखता है। "2-3 साल पहले भी फ्री टाइम में कार्टून देखता था। आज भी कमरे में बैठकर कार्टून देखता हूं तो शांति मिलती है।"

सचिन के बाद सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाले क्रिकेटर

इस आईपीएल में वैभव ने 680 रन और 65 छक्के मारे। 1988 में सचिन के बाद वो सबसे बड़ी सुर्खियां बटोर रहा है। लेकिन उसके पिता ने सिखाया है कि टीम जीतना जरूरी है। वैभव कहता है, "पापा कहते थे - 100, 200 या 300 रन भी बना लो, पर टीम न जीते तो बेकार है। मेरे लिए 80 रन बनाकर टीम जिताना, 100 रन बनाकर हारने से बेहतर है। टीम जितना आगे जाएगी, मुझे शतक बनाने के उतने मौके मिलेंगे। इससे मेरा भी फायदा और टीम का भी।" यही सोच वैभव को बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है। 15 साल की उम्र में इतनी समझ कम ही दिखती है।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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