वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी के दम पर राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हरा दिया। राजस्थान ने 128 रन का लक्ष्य केवल 12.1 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। सबसे ज्यादा गेंद शेष रहने के मामले में यह राजस्थान की आईपीएल इतिहास में सबसे बड़ी जीत है, जिसके हीरो रहे वैभव और जायसवाल। सूर्यवंशी ने 17 गेंदों की पारी में चार चौकों और पांच छक्कों की मदद से 52 रन बनाए। यशस्वी जायसवाल 36 गेंद में 38 रन बनाकर नाबाद रहे। सूर्यवंशी ने अपना अर्धशतक महज 15 गेंदों में पूरा किया। दोनों ने महज 38 गेंदों में 75 रन की साझेदारी कर पावरप्ले में ही टीम की जीत लगभग पक्की कर दी थी।
जीत के बाद वैभव सूर्यवंशी ने बताया कि वह किस रणनीति के साथ मैदान पर उतरे थे। सूर्यवंशी ने बताया कि आज का प्लान बस पावरप्ले में अच्छा प्रदर्शन करना था - शुरुआत में विकेट थोड़ा मुश्किल लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे गेंद पुरानी होती गई, बल्ले पर अच्छी तरह आने लगी वैभव यहीं नहीं रुके, पिछले सीजन 200 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग करने वाले वैभव ने इस साल 300 की स्ट्राइक रेट से शुरुआत की। इस रणनीति पर वैभन ने कहा 'मैं डिफेंस के बारे में भी सोचता हूं, लेकिन आज हमारा प्लान पावरप्ले में खेल को कंट्रोल करना था।
वैभव ने ये भी बताया कि कोच ने उन्हें ज्यादा कुछ मैच से पहले नहीं कहा था। मैसेज बस इतना था कि अपने नेचुरल गेम पर डंटे रहें। जायसवाल के साथ अपनी साझेदारी पर वैभव ने कहा ' वह हर गेंद के बाद मुझसे बात करते रहते हैं। मुझे बताते हैं कि कब सिंगल लेकर स्ट्राइक देना है। अगर गेंद बल्ले पर अच्छी तरह से आ रही है तो वह मुझे शॉट खेलने के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं।
वैभव ने हाल ही में अपना जन्मदिन मनाया है। अपने जन्मदिन पर वैभव ने कहा कि हमने ज्यादा कुछ नहीं किया था। बस केक काटे और सेलिब्रेट किया। साथी खिलाड़ी चेहरे पर केक ना लगा दें, उससे बचने के लिए मैं जल्दी सो गया था।
