कराची: हाल की में पाकिस्तान में संपन्न त्रिकोणीय सीरीज में बुरी तरह बल्ले से नाकाम रहने वाले कीवी विकेटकीपर बल्लेबाज चैंपियंस ट्रॉफी के पहले ही मुकाबले में धमाल मचा दिया। हालांकि उन्होंने सीरीज के फाइनल मुकाबले में 56 रन की पारी खेलकर फॉर्म में लौटने के संकेत दिए थे। उन्हें उस लय को चैंपियंस ट्रॉफी के पहले मुकाबले में भी कायम रखते हुए 95 गेंद में शतक जड़ दिया। इस दौरान उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के जड़े। लैथम 118(104) रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने अपने पारी में 10 चौके और तीन छक्के जड़े।
73 रन पर न्यूजीलैंड ने गंवा दिए थे तीन विकेट
टॉम लैथम जब बल्लेबाजी करने उतरे तब न्यूजीलैंड ने 3 विकेट महज 73 के स्कोर पर गंवा दिए थे। ऐसे में उन्होंने एक छोर संभालकर बल्लेबाजी कर रहे विल यंग का साथ दिया और उनके साथ पारी को आगे बढ़ाया और अपना अर्धशतक 61 गेंद पर पूरा किया। दोनों ने मिलकर स्कोर को 191 रन तक पहुंचाया। इसके बाद यंग 107 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। लेकिन लैथम पिच पर टिके रहे।
फिलिप्स के साथ की शतकीय साझेदारी
लैथम का साथ देने ग्लेन फिलिप्स उतरे। दोनों ने मिलकर चौकों छक्कों की झड़ी लगा दी। इसी दौरान लैथम ने अपने वनडे करियर का सातवां शतक 95 गेंद में पूरा कर लिया। इसके बाद लैथम ने फिलिप्स के साथ चौथे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी भी पूरी कर ली और टीम को 300 रन के स्कोर के पार पहुंचा दिया। पारी के आखिरी ओवर में फिलिप्स 39 गेंद में 61 रन की आतिशी पारी खेलकर पवेलियन वापस लौट गए। लेकिन लैथम पिच पर टिके रहे और 115 रन की नाबाद पारी खेलकर न्यूजीलैंड को 5 विकेट पर 320 रन के स्कोर तक पहुंचा दिया।
