विशाखापट्टनम: रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विशाखापट्टनम के वाईएसआर रेड्डी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए सीरीज के दूसरे वनडे में बंटाधार हो गया। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने गेंद और बल्ले से दम दिखाते हुए वनडे मैच को 37 ओवर के कुल खेल में 10 विकेट के अंतर से अपने नाम कर लिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए यह घर से बाहर बचे ओवरों और गेंदों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत रही। वहीं टीम इंडिया की इसी आधार पर वनडे क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही तीन मैच की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई।
26 ओवर में 117 रन पर ढेर हुई टीम इंडिया
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के टॉप ऑर्डर का बुरा हाल मिचेल स्टार्क की अगुआई वाले कंगारू पेस अटैक ने कर दिया। पहले ओवर की तीसरी गेंद पर शुभमन गिल के आउट होने से शुरू हुआ विकेटों की पतझड़ का सिलसिला 26 ओवर में महज 117 रन पर थम गया। टीम इंडिया इतने कम स्कोर पर ढेर हो गई। मिचेल स्टार्क ने 53 रन देकर पांच विकेट अपने नाम किए। वहीं 3 विकेट सीन एबॉट और 2 विकेट नाथन एलिस के खाते में गए। विराट कोहली सबसे सफल भारतीय बल्लेबाज रहे उन्होंने 31 और अक्षर पटेल ने नाबाद 29 रन की पारी खेली।
11 ओवर में ऑस्ट्रेलिया ने हासिल किया विजयी लक्ष्य
जीत के लिए 118 रन के लक्ष्य का बचाव करने उतरी टीम इंडिया के अरमानों पर पानी ट्रेविस हेड और मिचेल मार्श की सलामी जोड़ी ने फेर दिया। दोनों ने टी20 के अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 6 ओवर में 66 रन जोड़े और 11 ओवर में विजयी लक्ष्य को हासिल कर लिया। ट्रेविस हेड ने 30 गेंद में नाबाद 51 और मिचेल मार्श ने 36 गेंद में नाबाद 66 रन की पारी खेली।
इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली थी करारी हार
भारतीय टीम को 234 गेंद और 10 विकेट शेष रहते हार का मुंह देखना पड़ा। यह उसकी वनडे क्रिकेट इतिहास में शेष बची गेंदों के लिहाज से सबसे बड़ी हार है। इस मुकाबले से पहले साल 2019 में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ 212 गेंद रहते और साल 2010 में श्रीलंका के खिलाफ 209 गेंद शेष रहते हार का सामना करना पड़ा था।
