Shivam Dube Substitute controversy: भारत और इंग्लैंड के बीच चौथे टी20 मैच में शिवम दूबे के लिए कंकशन सब्स्टिट्यूट की अनुमति को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने सवाल उठाए हैं। दूबे को भारतीय पारी के आखिरी ओवर में हेलमेट पर गेंद लगी थी, जिसके बाद वह मैदान पर वापस नहीं लौटे और भारत ने कंकशन सब्स्टिट्यूट के तौर पर हर्षित राणा को मैदान पर उतारा।
हर्षित राणा के मैदान पर उतरने पर कई लोगों ने सवाल उठाए, क्योंकि दूबे एक ऑलराउंडर हैं, जबकि राणा एक फास्ट बॉलर हैं। पूर्व इंग्लैंड क्रिकेटर केविन पीटरसन और एलिस्टेयर कुक ने मैच रेफरी के फैसले की आलोचना की और कहा कि राणा दूबे का 'लाइक-फॉर-लाइक' प्रतिस्थापन नहीं है।
गावस्कर ने टीम इंडिया पर किया पलटवार
गावस्कर ने भी इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ियों के तर्कों से सहमति जताई। उन्होंने कहा कि दूबे को हेलमेट पर गेंद लगने के बावजूद वह आखिरी ओवर तक बल्लेबाजी करते रहे, जो साबित करता है कि उन्हें कंकशन नहीं हुआ था। गावस्कर ने अपने कॉलम में लिखा, "पुणे मैच में दूबे हेलमेट पर गेंद लगने के बाद भी आखिरी ओवर तक बल्लेबाजी करते रहे, इसलिए साफ है कि उन्हें कंकशन नहीं हुआ था। कंकशन सब्स्टिट्यूट की अनुमति देना सही नहीं था।"
इंग्लैंड को सहानुभूति
गावस्कर ने इंग्लैंड के साथ सहानुभूति जताते हुए कहा कि भारत को ऐसे कदमों से अपनी जीत को धूमिल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, "लाइक-फॉर-लाइक के सबसे उदार मापदंड के हिसाब से भी दूबे और राणा के बीच कोई समानता नहीं है। इंग्लैंड को धोखा महसूस करने का पूरा अधिकार है। यह भारतीय टीम एक शानदार टीम है और उसे ऐसे कदमों से अपनी जीत को धूमिल नहीं करना चाहिए।"
राणा का दमदार प्रदर्शन
हर्षित राणा ने मैदान पर उतरते ही अपना प्रभाव दिखाया और अपनी दूसरी ही गेंद पर लियाम लिविंगस्टन को आउट किया। उन्होंने जैकब बेथेल और जेमी ओवरटन को भी आउट करते हुए 4 ओवर में 3/33 का शानदार प्रदर्शन किया। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत भारत ने 181 रन के स्कोर को सफलतापूर्वक डिफेंड किया और मैच 15 रन से जीतकर सीरीज में 3-1 की बढ़त बना ली। भारत ने यह सीरीज 4-1 से जीती।
