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ट्रायल में रन बनाए, लेकिन दिल्ली टीम में कभी चयन नहीं हुआ; संजू सैमसन ने किया बड़ा खुलासा

दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) पर लंबे समय से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के सपनों को तोड़ने का आरोप लगता रहा है और संजू सैमसन के साथ भी कुछ ऐसा ही होने वाला था, लेकिन उनके पिता और दिल्ली पुलिस के पूर्व कर्मचारी विश्वनाथ सैमसन ने अपने गृह राज्य केरल लौटने का फैसला किया। इस फैसले को संजू ने अपने करियर का टर्निंग प्वाइंट बताया है।

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संजू सैमसन का बड़ा खुलासा। फाइल फोटो

नई दिल्ली, (भाषा)। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) पर लंबे समय से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के सपनों को तोड़ने का आरोप लगता रहा है और संजू सैमसन के साथ भी कुछ ऐसा ही होने वाला था, लेकिन उनके पिता और दिल्ली पुलिस के पूर्व कर्मचारी विश्वनाथ सैमसन ने अपने गृह राज्य केरल लौटने का फैसला किया। जिसने उनके बेटे के क्रिकेट करियर की दिशा बदल दी।

इसके बाद की कहानी इतिहास बन गई।

अपनी शानदार बल्लेबाजी और लगातार सीमित ओवरों के क्रिकेट में बनाए गए रनों के दम पर संजू सैमसन भारतीय टी20 टीम तक पहुंचे और इसी वर्ष भारत की टी20 विश्व कप जीत के अहम नायकों में से एक रहे। सैमसन ने बताया कि दिल्ली में मिली निराशा उनके और उनके परिवार के लिए एक ’टर्निंग प्वाइंट’ साबित हुई।

उन्होंने ’जियोस्टार’ से कहा, ’’स्कूल के दिनों में मैं अपने दोस्तों को डीडीसीए की जैकेट पहने और दिल्ली की राज्य क्रिकेट टीम के लिए खेलने की बातें करते देखता था। इससे मुझे भी प्रेरणा मिलती थी। मैं भी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करना चाहता था। मैंने ट्रायल दिए, राज्य स्तरीय शिविर में हिस्सा लिया और खूब रन बनाए। दो-तीन बार मेरा चयन शिविर तक हुआ, लेकिन राज्य टीम में जगह नहीं मिल सकी। प्रतिस्पर्धा बहुत कड़ी थी।

इसके बाद उनके पिता विश्वनाथ ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी। सैमसन ने याद करते हुए कहा, एक दिन ट्रायल खत्म होने के बाद टीम की सूची घोषित हुई। उसमें मेरा नाम नहीं था। हम चुपचाप घर लौट आए। जैसे ही हम घर पहुंचे, मेरे पिता ने मेरी मां से कहा, ’हमें केरल जाना होगा। हम वहीं शिफ्ट हो रहे हैं।

उन्होंने बताया, मेरी मां ने कहा, ’बच्चे अभी केवल छठी कक्षा में हैं। उन्हें कम से कम दसवीं तक पढ़ लेने दीजिए।’ लेकिन मेरे पिता ने कहा, ’नहीं, हमें अभी जाना होगा। सामान पैक करो। मैं तीन दिन में टिकट बुक कर रहा हूं।’ उन्होंने यह फैसला तुरंत ले लिया।

सैमसन ने कहा, मुझे आज भी याद है कि हम सभी ट्रेन में सवार हुए, फिर केरल पहुंचे और मैंने केरल के लिए क्रिकेट खेलना शुरू किया। वहीं से केरल राज्य टीम के साथ मेरी क्रिकेट यात्रा की शुरुआत हुई। संजू सैमसन ने अपने 17वें जन्मदिन से कुछ सप्ताह पहले ही केरल की ओर से रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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