मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पॉन्टिंग का मानना है कि भारत के शीर्षक्रम के बल्लेबाज शुभमन गिल ने अपनी बल्लेबाजी शैली में काफी बदलाव कर लिये हैं जिससे विदेश दौरों पर रन नहीं बन पा रहे लेकिन उन्हें आत्मविश्वास पैदा करना होगा। गिल अंगूठे की चोट के कारण बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का पहला टेस्ट नहीं खेल सके थे। एडीलेड में दूसरे टेस्ट में वह अच्छी शुरूआत को बड़ी पारियों में नहीं बदल सके।
विदेश में खराब रहा है गिल का प्रदर्शन
ब्रिसबेन में तीसरे टेस्ट में वह पहली पारी में जल्दी आउट हो गए लेकिन बाद में केएल राहुल और रविंद्र जडेजा ने अर्धशतक जमाकर मैच ड्रॉ कराया। पॉन्टिंग ने आईसीसी रिव्यू में कहा ,'मुझे उसे खेलते देखना पसंद है । जब आप उसे अच्छी बल्लेबाजी करते देखें तो उसका कोई सानी नहीं है । लेकिन विदेश में उसका प्रदर्शन वैसा नहीं रहा है।'
तकनीक में बहुत बदलाव का हुआ नुकसान
पॉन्टिंग ने कहा कि एडीलेड में दूसरे टेस्ट में उन्होंने गिल की तकनीक में काफी बदलाव देखे जिससे उनसे रन नहीं बन पा रहे। उन्होंने कहा,'मैंने एडीलेड में उसे बल्लेबाजी करते देखा और लगा कि उसने काफी बदलाव कर लिया है। स्कॉट बोलैंड गेंदबाजी कर रहा था और उसे आफ स्टम्प पर पड़ती गेंद पर फ्रंट पैड आगे कर दिया। बोलैंड ने सीधी गेंद पर उसे बोल्ड कर दिया।'
फॉर्म में वापसी के लिए करना होगा अपने आप पर भरोसा और डिफेंस पर काम
पॉन्टिंग ने कहा कि आमूलचूल बदलाव करने की बजाय गिल को अपने आप पर भरोसा करके बल्लेबाजी में सुधार करना चाहिये था। उन्होंने कहा,'उसे अपनी रक्षात्मक तकनीक पर थोड़ा और काम करना होगा ताकि आस्ट्रेलिया में रन बना सके । उसने अपने देश में या दुनिया में हर जगह आक्रामक खेलकर रन बनाये हैं जब वह आउट होने के बारे में नहीं बल्कि रन बनाने के बारे में ही सोचता आया है । उसे उसी मानसिकता के साथ यहां उतरना होगा।'
