कराची: पीसीबी अध्यक्ष रमीज राजा को पसंद नहीं कि कैसे पाकिस्तानी मीडिया उनकी क्रिकेट टीम के लिए सख्त है। एक इंटरव्यू में रमीज ने समझाया कि जब विराट कोहली ने एशिया कप में अफगानिस्तान के खिलाफ नाबाद 122 रन बनाए तो भारत यह भूल गया कि वो टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है। मगर यही बात बाबर आजम के लिए लागू नहीं होती क्योंकि मीडिया उनके स्ट्राइक रेट पर ध्यान देता है। हालांकि, पाकिस्तानी एंकर ने बेहद ही दिलचस्प अंदाज में पीसीबी चेयरमैन की बोलती बंद कर दी।
टी20 वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान की बल्लेबाजी की काफी आलोचना हो रही है। पाकिस्तान का मिडिल ऑर्डर चिंता का सबसे बड़ा विषय है जबकि बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान के स्ट्राइक रेट पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मगर रमीज का मानना है कि पाकिस्तान मीडिया राष्ट्रीय टीम के लिए ज्यादा सख्त है और उन्होंने भारतीय टीम का उदाहरण देकर यह बात समझाने की कोशिश की।
रमीज राजा ने कहा, 'पहले हम पहले ही दौर में गलती कर देते थे। हां, हम फाइनल में पहुंचे और अच्छा नहीं खेले। मगर खराब दिन होता है। मगर एशिया कप में अन्य टीमें भी थीं। मेरा मतलब है कि भारत के फाइनल में नहीं पहुंचने की कड़ी आलोचना होनी चाहिए थी। मगर उनके फैंस और मीडिया ने ऐसा नहीं किया। मैं आपको बताता हूं। जब अफगानिस्तान के खिलाफ विराट कोहली ने शतक जमाया तो वो पूरा एशिया कप भूल गए। क्या हम ऐसा कभी कर सकेंगे? हम क्या कहेंगे कि बाबर आजम ने शतक जमा दिया, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 135 का था जबकि डेविड वॉर्नर का स्ट्राइक रेट 147.3 का था। तो यह बेकार है।'
तब एंकर ने कहा, 'ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कोहली ने 71वां अंतरराष्ट्रीय शतक तीन साल से नहीं जमाया था वरना वो इतना महत्वपूर्ण नहीं होता।' तब पीसीबी चेयरमैन ने कहा, 'आप क्या बात कर रही हैं? उन्होंने उस मैच में चार कैच छोड़े, वो भी अफगानिस्तान जैसी टीम के खिलाफ। और मेरा प्वाइंट है कि अगर पाकिस्तानी बल्लेबाज शतक जमाता है तो मीडिया में उस तरह खबर क्यों नहीं चलाई जाती है।' इस पर एंकर ने करारा जवाब दिया, 'उन चार कैच छूटने को तो मैं कुदरत का निजाम कहूंगी क्योंकि यह कुदरत का निजाम इन दिनों बड़ा प्रचलित है।'
बता दें कि पाकिस्तान के हेड कोच सकलैन मुश्ताक ने हाल ही में कुदरत का निजाम शब्द का उपयोग किया था। इंग्लैंड के हाथों घरेलू जमीन पर एक मैच में शिकस्त मिलने के बाद सकलैन मुश्ताक ने यह शब्द कहे थे, जिसके चलते उनकी काफी आलोचना हुई थी और उनका जमकर मजाक भी उड़ाया गया था। सकलैन ने तीसरे मैच में पाकिस्तान की हार के बाद कहा था, 'दिन और रात, गर्मी, सर्दी या बारिश ये नेचुरल है। ये कुदरत का निजाम है। इसी तरह खेल भी वही है। हार या जीत वहां लगी रहती है। हमें यह स्वीकार करना होता है और हम करते भी हैं। प्रयास और इरादा जीतने के लिए था। उम्मीद है कि आगामी मैचों में हम बेहतर प्रदर्शन करेंगे।'
