Bengaluru Stampede: बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर आईपीएल की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ में 11 क्रिकेट प्रशंसकों की दुखद मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए। यह घटना बुधवार, 4 जून को हुईभारतीय क्रिकेट लीजेंड और बेंगलुरु के मूल निवासी राहुल द्रविड़ ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख जताया। RCB ने 18 साल के लंबे इंतजार के बाद 3 जून को अहमदाबाद में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार आईपीएल ट्रॉफी जीती थी। इस ऐतिहासिक जीत के बाद टीम ने अगले दिन बेंगलुरु में जश्न मनाने की योजना बनाई थी।
"बहुत दुखद, खेल-प्रेमी शहर के लिए बड़ा झटका" – द्रविड़
द्रविड़ ने एनडीटीवी को बताया, "यह बेहद निराशाजनक और दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जो इस घटना से प्रभावित हुए। बेंगलुरु एक खेल-प्रेमी शहर है, मैं यहां का रहने वाला हूं। यहां के लोग न सिर्फ क्रिकेट, बल्कि फुटबॉल, कबड्डी सहित सभी खेलों को प्यार करते हैं। RCB यहां की सबसे लोकप्रिय टीमों में से एक है। ऐसे में यह घटना बेहद दुखद है। हमारी संवेदनाएं घायलों और उन लोगों के परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया।"
क्या हुआ था उस दिन?
बुधवार को RCB के खिलाड़ियों के स्वागत के लिए लगभग दो लाख प्रशंसक स्टेडियम के बाहर जमा हुए। टीम ने विधानसभा से एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम तक एक विजय बस परेड की योजना बनाई थी, हालांकि बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने भीड़ और ट्रैफिक की आशंका के चलते इजाजत नहीं दी थी। इसके बावजूद, RCB के खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विधानसभा में सम्मानित किया, जिसके बाद वे स्टेडियम पहुंचे।
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टेडियम के पास एक नाले पर रखा अस्थायी प्लेटफॉर्म भीड़ के दबाव से टूट गया, जिससे लोग नीचे गिरने लगे। इसके बाद अचानक भगदड़ मच गई। हालांकि, इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए पास की अनिवार्यता थी, लेकिन बड़ी संख्या में प्रशंसकों के पहुंचने से स्थिति अनियंत्रित हो गई।
RCB और KSCA पर उठे सवाल
इस घटना के बाद RCB ने बस परेड रद्द कर दी और स्टेडियम में प्रशंसकों से मुलाकात का कार्यक्रम छोटा कर दिया। साथ ही, RCB ने मृतकों के परिवार को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। 6 जून को पुलिस ने इस मामले में RCB के मार्केटिंग हेड निखिल सोसाले को गिरफ्तार किया।
वहीं, कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) की इस घटना में लापरवाही के लिए कड़ी आलोचना हुई। इसके बाद KSCA के सेक्रेटरी ए. शंकर और ट्रेजरर ई.एस. जयराम ने "नैतिक जिम्मेदारी" लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।इस दुर्घटना ने पूरे क्रिकेट समुदाय को झकझोर दिया है, और अब सवाल उठ रहे हैं कि भविष्य में इस तरह के आयोजनों में सुरक्षा को कैसे प्राथमिकता दी जाएगी।
