Quinton De Kock Retirement U Turn: दक्षिण अफ्रीका के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने वनडे क्रिकेट से संन्यास का अपना फैसला वापस ले लिया है। पाकिस्तान दौरे के लिए उन्हें वनडे और टी20 दोनों टीमों में शामिल किया गया है। इतना ही नहीं, डी कॉक नामीबिया के खिलाफ खेले जाने वाले एकमात्र टी20 मुकाबले में भी मैदान पर नजर आएंगे। उनकी यह वापसी क्रिकेट जगत के लिए एक बड़ा सरप्राइज है।
विश्व कप 2027 खेलने के संकेत
डी कॉक की इस वापसी को लेकर माना जा रहा है कि वह आने वाले आईसीसी विश्व कप 2027 में भी खेलते नजर आ सकते हैं। टीम प्रबंधन और फैंस के लिए यह बड़ी राहत है क्योंकि वह दक्षिण अफ्रीका की व्हाइट बॉल टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं।
हेड कोच कॉनराड का बयान
दक्षिण अफ्रीका के वर्तमान हेड कोच शुकरी कॉनराड ने डी कॉक की वापसी को टीम के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि "क्विंटन की व्हाइट बॉल टीम में वापसी हमारे लिए बेहद खुशी की बात है। जब हमने पिछले महीने उनके भविष्य के बारे में बात की थी, तो यह स्पष्ट था कि उनमें अभी भी अपने देश का प्रतिनिधित्व करने की महत्वाकांक्षा है। हर कोई जानता है कि वह टीम को गुणवत्ता प्रदान करते हैं। उनकी वापसी से टीम को ही फायदा होगा।"
पहले लिया था संन्यास
क्विंटन डी कॉक ने वनडे विश्व कप 2023 के बाद इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। इसके अलावा, टी20 विश्व कप 2024 के बाद भी वह साउथ अफ्रीका के लिए इस फॉर्मेट में खेलते नजर नहीं आए। हालांकि, उन्होंने औपचारिक रूप से टी20 क्रिकेट से संन्यास की घोषणा नहीं की थी।
चयन को लेकर हुई थी अनिश्चितता
पूर्व कोच रॉब वाल्टर डी कॉक की दीर्घकालिक योजनाओं को लेकर आश्वस्त नहीं थे, जिसकी वजह से उन्हें टी20 टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया था। इसके बावजूद डी कॉक दुनिया भर की टी20 लीग्स में खेलते रहे और शानदार प्रदर्शन करते रहे।
अंतरराष्ट्रीय करियर की उपलब्धियां
क्विंटन डी कॉक का अब तक का क्रिकेट करियर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने54 टेस्ट मैचों में 6 शतक और 22 अर्धशतक की मदद से 3,300 रन बनाए।155 वनडे मैचों में उनके बल्ले से 6,770 रन निकले, जिसमें 21 शतक और 30 अर्धशतक शामिल रहे। वहीं 92 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने 31.51 की औसत से 2,584 रन बनाए।
तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने वाले चुनिंदा खिलाड़ी
डी कॉक उन चुनिंदा बल्लेबाजों में से एक हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में शतक लगाया है। उनका यह रिकॉर्ड उन्हें एक खास श्रेणी में खड़ा करता है और यही वजह है कि उनकी वापसी टीम साउथ अफ्रीका के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही।
(IANS)
