ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस का मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) ने खिलाड़ियों के समय पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के एकाधिकार को खत्म कर दिया है और उन्होंने कहा कि भविष्य में खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर राष्ट्रीय टीम को महत्व देने के लिए मनाना चुनौती होगा। कमिंस ने कहा कि आईपीएल ने एक दशक पहले क्रिकेट का परिदृश्य बदल दिया था और ऐसे में वह ट्रेंट बोल्ट के न्यूजीलैंड क्रिकेट के अनुबंध को ठुकरा कर विश्व भर की टी20 लीग में खेलने के फैसले से सहमत दिखे।
भारत के खिलाफ सात जून से ओवल में होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल से पहले कमिंस ने सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड से कहा,‘‘पिछले कुछ समय से लग रहा था कि ऐसा होने जा रहा है और अब ऐसा हो रहा है।’
खिलाड़ियों को मिली है आजादी
उन्होंने कहा,‘खिलाड़ियों के समय पर अब पहले की तरह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का एकाधिकार नहीं रहा। आईपीएल ने एक दशक पहले इसमें बदलाव कर दिया था, लेकिन अब अधिक से अधिक खिलाड़ी इसमें शामिल हो रहे हैं और इसलिए मेरा मानना है कि हमें इसको लेकर सक्रिय होना होगा।’
खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम को प्राथमिकता दें
कमिंस चाहते हैं कि उनके खिलाड़ी किसी भी अन्य चीज पर राष्ट्रीय टीम को प्राथमिकता दें लेकिन उन्होंने कहा कि मोटी धनराशि वाले फ्रेंचाइजी आधारित लीग के मौजूदा समय में ऐसा करना चुनौतीपूर्ण होगा। उन्होंने कहा,‘हमें ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलने को जितना हो सके उतना खास बनाना होगा। लेकिन यह चुनौती बनने जा रहा है। हमें इसको लेकर गंभीरता से विचार करना चाहिए।’
WTC ने टेस्ट क्रिकेट में लाया बदलाव
कमिंस ने इसके साथ ही कहा कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप ने द्विपक्षीय टेस्ट श्रृंखलाओं को अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। उन्होंने कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया के पहले डब्ल्यूटीसी फाइनल में भारत के खिलाफ खेलने को लेकर उत्साहित हैं।
टीम इंडिया को दिलाया याद
कमिंस ने कहा, ‘हमने भारत को पहली विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचाया था, जो मुझे लगता है कि बहुत से लोग भूल गए हैं। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के कारण अब प्रत्येक श्रृंखला अधिक महत्वपूर्ण बन गई हैं।’
