क्रिकेट

अब समय आ गया है, टीम इंडिया 'गली' और 'स्लिप' में इनको उतारने के बारे में सोचे: संजय बांगर

Sanjay Bangar on Team India Fielding Strategy: भारत को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा। बर्मिंघम में दूसरे टेस्ट से पहले भारत के पूर्व बैटिंग कोच संजय बांगर ने बताया कि 'गिल एंड कंपनी' क्लोज-इन फील्डिंग को बेहतर बनाकर वापसी कैसे कर सकती है।

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संजय बांगर (BCCI)

भारत को इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा। बर्मिंघम में दूसरे टेस्ट से पहले भारत के पूर्व बैटिंग कोच संजय बांगर ने बताया कि 'गिल एंड कंपनी' क्लोज-इन फील्डिंग को बेहतर बनाकर वापसी कैसे कर सकती है। बांगर ने कहा कि मेहमान टीम का असली फोकस गली और स्लिप में सर्वश्रेष्ठ कैचर तैयार करने पर है, जहां अधिकांश कैच पकड़े जाते हैं।

भारत ने अपनी दोनों पारियों में कुल 835 रन बनाए थे, लेकिन गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह को छोड़कर कोई भी खिलाड़ी इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर हावी नहीं हो सका। पहले टेस्ट के अधिकांश सेशन में इंग्लैंड से आगे रहने के बावजूद, भारत मुकाबले के अंतिम दिन इसका लाभ उठाने में नाकाम रहा। मेजबान टीम ने बेन डकेट के 149 रनों की बदौलत पांच विकेट से जीत हासिल की।

संजय बांगर ने कहा, "इस खास टेस्ट मैच को जीतने का सबसे अच्छा तरीका कॉम्बिनेशन को देखना है। अगर पहले टेस्ट में भारत के लिए शीर्ष क्रम और मध्य क्रम ने इतना अच्छा प्रदर्शन किया है, तो मुझे नहीं लगता कि टीम मैनेजमेंट को इस बात की चिंता करनी चाहिए कि नंबर आठ पर आपके लिए कौन रन बनाएगा।"

उन्होंने आगे कहा, "इसलिए नंबर आठ पर एक अच्छे गेंदबाज को खिलाएं। इससे भारत के टेस्ट मैच जीतने की संभावना सच में बढ़ सकती है। क्योंकि पहली पारी में भारत ने जो 471 रन बनाए, चौथी पारी में उन्होंने जो लक्ष्य रखा वह टीम के लिए इंग्लैंड को दो बार आउट करने के लिए काफी था। मुझे लगता है कि गेंदबाजी विभाग पर जिम्मेदारी होनी चाहिए, जिसमें एक और गेंदबाज हो, लेकिन इंग्लैंड को दोनों पारियों में ऑलआउट करने की कोशिश करें।"

भारत के पहले टेस्ट में हार की बड़ी वजह खराब फील्डिंग भी थी। कैच के महत्व पर बात करते हुए बांगर ने कहा, "कैच न छोड़ना बहुत जरूरी है। कैच छूटने से गेंदबाजी विभाग का काम और भी मुश्किल हो जाता है, लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि यह भारत के लिए एक नया कदम है। यशस्वी जहां भी फील्डिंग करते हैं- मूल रूप से, गली क्रिकेट में एक ऐसी पोजीशन है, जो बेहद खास है। मुझे लगता है कि यहीं पर भारत को गली क्षेत्र में कैचिंग में महारत हासिल करने के लिए एक खास खिलाड़ी को लगाना होगा।"

उन्होंने कहा, "मुझे ऐसे बहुत से महान खिलाड़ी याद नहीं हैं, जो लगातार गली एरिया में रहे हों। मेरी याददाश्त में, अनिल कुंबले ने भारत के लिए खेलते समय यह बहुत अच्छा किया था। अजिंक्य रहाणे ने उस स्पॉट को अपना बना लिया। लेकिन उसके बाद, एक अच्छे गली फील्डर को तैयार करने पर फोकस करना होगा। क्योंकि यहां काफी कैच होते हैं। यह एक ऐसी पोजिशन है, जो सच में आपके सर्वश्रेष्ठ फील्डर को मिलनी चाहिए।"

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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