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'अब पहली ही गेंद उड़ाने के बारे में सोचता हूं', तिलक वर्मा ने बताई अपनी आगे की रणनीति और तकनीक में बदलाव

Tilak Varma Statement: भारतीय बल्लेबाज तिलक वर्मा अब आने वाले समय में और भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं। उनका खेलने का नजरिया थोड़ा बदल चुका है, जिसके बारे में उन्होंने खुलकर बयां किया है।

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तिलक वर्मा

Photo : AP

भारत के उप-कप्तान तिलक वर्मा (Tilak Varma) का कहना है कि बैटिंग ऑर्डर में नंबर तीन से नंबर पांच पर खिसकने से उनकी सोच में थोड़ा बदलाव आया है। अब वह क्रीज पर जमने के बजाय पहली ही गेंद से बाउंड्री लगाने की कोशिश करते हैं। पिछले 12 महीनों में तिलक ने 'चेज़ मास्टर' (लक्ष्य का पीछा करने में माहिर) के रूप में अपनी पहचान बनाई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे T20I में भी, उन्होंने नीतीश रेड्डी के साथ मिलकर एक मुश्किल लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया। पांच मैचों की इस सीरीज में भारत ने 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है।

चौथे T20I से पहले उन्होंने कहा, "मेरे पास पावर-हिटिंग की क्षमता पहले से थी; मैंने नंबर तीन पर भी रन बनाए हैं। अब, नंबर पांच या छह पर बल्लेबाजी करते हुए, अगर पहली गेंद ही ऐसी होती है जिस पर शॉट खेला जा सके, तो मैं बाउंड्री लगाने के बारे में सोचता हूं। अगर ऐसा नहीं होता, तो मैं मैच को आगे तक ले जाने (डीप ले जाने) पर ध्यान देता हूं। मैं थोड़ा ज्यादा समय लेता हूं। शुरुआत में, मैं सिंगल और डबल लेने पर फोकस करता हूं, और गैप ढूंढकर चौके या दो रन निकालने की कोशिश करता हूं।"

लक्ष्य का पीछा करते समय, तिलक गेंदबाजों की मानसिकता के साथ खेलना पसंद करते हैं, क्योंकि बल्लेबाजों की तुलना में उन पर ज्यादा दबाव होता है। तिलक ने कहा, "अंतिम ओवरों में, एक बल्लेबाज के तौर पर, मुझ पर जितना दबाव होता है, उससे कहीं ज्यादा दबाव गेंदबाज पर होता है। मेरे दिमाग में हमेशा यही सकारात्मक सोच रहती है कि गेंदबाज ज्यादा दबाव में है, इसलिए वह निश्चित रूप से रन लुटाएगा।"

हैगली ओवल में नीतीश रेड्डी के साथ अपनी मैच जिताऊ साझेदारी के बारे में उन्होंने कहा: "मैंने बस नीतीश से कहा, 'अगर हम यहां से मैच जीत जाते हैं, तो बहुत मजा आएगा। चलो क्रीज पर टिके रहते हैं, मैच को आगे तक ले जाते हैं और देखते हैं कि क्या होता है'।" भारत ने सीरीज तो पहले ही अपने नाम कर ली है, लेकिन तिलक ने कहा कि टीम इसे 5-0 से जीतने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, "हम इसे 'क्लीन स्वीप' करने के एक बेहतरीन मौके के रूप में देख रहे हैं। हमारा अगला लक्ष्य आने वाला मैच जीतना है, ताकि भारतीय दर्शकों को 5-0 से सीरीज जीत देखने का शानदार मौका मिल सके।" भारत में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज खत्म करने के तुरंत बाद न्यूजीलैंड पहुंचने पर, तिलक ने कहा कि वहां के हालात और टाइम जोन के हिसाब से खुद को ढालना आसान नहीं था।

तिलक ने कहा, "इस स्तर पर, हम कोई बहाना नहीं बना सकते। हम सबसे ऊंचे स्तर पर हैं, और हमें उन युवाओं के लिए एक मिसाल कायम करनी होगी जो हमें अपना आदर्श मानते हैं।"

तिलक ने आगे कहा, "गौतम सर (हेड कोच गौतम गंभीर) ने टीम मीटिंग में साफ कर दिया था कि यह एक लंबा दौरा है। एक T20 टीम के तौर पर हम जो मानक तय करेंगे, उससे ODI और टेस्ट टीमों को भी आगे बढ़ने के लिए एक अच्छी गति मिलेगी।"

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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