Niraj Kumar: MLC चुनाव जीतने के बाद भी JDU नेता नीरज कुमार का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। वह अपनी ही पार्टी के नेता ललन सिंह से नाराज है। गुरुवार को जब उनसे पूछा गया कि क्या वह ललन सिंह से आशीर्वाद लेने जाएंगे तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 'सवाल ही पैदा नहीं होता कि उनके पास जाऊंगा। सब कुछ मैं सूद समेत लौटाऊंगा।' मोकामा विधायक अनंत सिंह के बारे में उन्होंने कहा, 'धनबल और बाहुबल की राजनीति अब नहीं चलेगी, हमारी जमानत जब्त करा रहे थे अब अपना तबीयत ठीक है की नहीं?'
मैं राजनीति के कर्ज को सूद के साथ वापस करूंगा-ललन सिंह
नीरज कुमार से जब पूछा गया कि क्या वह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से आशीर्वाद लेने जाएंगे, तो उन्होंने कहा, 'ललन सिंह से मुलाकात पर उन्होंने कहा, 'सवाल ही नहीं है। मेरा क्या गुनाह है? मुझे चुनाव प्रक्रिया में इतनी परेशानी क्यों झेलनी पड़ी? मैं राजनीति के कर्ज को सूद के साथ वापस करूंगा।' संजय झा से आशीर्वाद लेने के बाद नीरज सिंह ने कहा कि उनके घर मातम पसरा होगा। मैंने पार्टी धर्म का पालन किया। दुनिया सब जानती है किनके घर में मातम होगा ये सब आपको एहसास होगा।'
बिहार में 8 सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव
बिहार विधान परिषद की आठ सीट पर हुए चुनाव में कई बड़े उलटफेर देखने को मिले जहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस के एक-एक सदस्य समेत पांच निवर्तमान विधान परिषद सदस्यों को हार का सामना करना पड़ा। वहीं, प्रशांत किशोर की नवगठित जन सुराज पार्टी ने उच्च सदन में अपनी पहली जीत दर्ज की। विधान परिषद के लिए 23 अक्टूबर को हुए चुनाव की मतगणना मंगलवार से जारी थी। बुधवार को घोषित नतीजों के अनुसार, आठ सीट में से तीन पर भाजपा और दो पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। वहीं, विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद), राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और जन सुराज पार्टी को एक-एक सीट मिली।
अपनी सीट नहीं बचा पाए नवल किशोर यादव
भाजपा के पांच बार के विधान परिषद सदस्य नवल किशोर यादव पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपनी सीट बचाने में नाकाम रहे। उन्हें राजद के डॉ. संजीव कुमार ने पराजित किया। हालांकि, तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नरेंद्र प्रसाद सिंह ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के संजय कुमार सिंह को हराकर जीत दर्ज की। संजय कुमार सिंह को विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) के सभी घटक दलों का समर्थन प्राप्त था। परबत्ता के पूर्व विधायक संजीव कुमार ने भी विधान परिषद चुनाव में जीत दर्ज की। उन्होंने पिछले साल राजद के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन अपनी सीट बरकरार रखने में नाकाम रहे थे। इससे पहले उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जद(यू) छोड़कर राजद का दामन थाम लिया था।
संजीव कुमार अपनी सीट जीतने में सफल रहे
विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस के संजय यादव के मैदान में उतरने से 'इंडिया’ गठबंधन के मतों में बिखराव की आशंका जताई जा रही थी। इसके बावजूद संजीव कुमार अपनी सीट जीतने में सफल रहे। भाजपा के दो विधान परिषद सदस्य सर्वेश कुमार और एनके यादव ने क्रमशः दरभंगा स्नातक और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से अपनी सीट बरकरार रखी। दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 'इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के बीच खींचतान देखने को मिली। गठबंधन के मत राजद के अनिल झा, कांग्रेस के रजनीकांत पाठक और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के संदीप चौधरी के बीच बंट गए।
